Maharashtra Farmers: महाराष्ट्र विधानसभा में किसानों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महात्मा फुले कर्जमाफी योजना के तहत मिलने वाले लाभ का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है. पहले जिन किसानों को 50 हजार रुपये तक के प्रोत्साहन लाभ की बात कही गई थी, अब उन्हें 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने इसे किसानों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम बताया.
कर्ज चुकाने की शर्त भी खत्म
सरकार ने किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि प्रोत्साहन अनुदान का लाभ पाने के लिए 2026-27 का फसल कर्ज चुकाने की जो शर्त रखी गई थी, उसे समाप्त किया जा रहा है. इस फैसले से उन किसानों को भी राहत मिलेगी जो केवल इस शर्त के कारण योजना के लाभ से वंचित रह सकते थे.
क्यों लिया गया यह फैसला?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कर्जमाफी किसी किसान को अमीर नहीं बनाती लेकिन मुश्किल समय में उसे साहूकारों के चंगुल में जाने से बचाती है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक संकट से बाहर निकालना है. विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों से किए गए वादे को पूरा करने के लिए यह निर्णय लिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहती तो 2029 तक इस फैसले को टाल सकती थी लेकिन किसानों की स्थिति को देखते हुए अभी कदम उठाया गया.
किसानों के आंदोलन और बढ़ते दबाव का असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि महायुति के कई विधायक लगातार कर्जमाफी की शर्तों में ढील देने की मांग कर रहे थे. रणधीर सावरकर के नेतृत्व में विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी उनसे मुलाकात की थी. दूसरी ओर राज्यभर में किसानों ने इन शर्तों के खिलाफ प्रदर्शन किए. विधायक रोहित पवार ने भी किसानों की मांगों को लेकर भूख हड़ताल की थी. इन आंदोलनों और जनदबाव ने सरकार को फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया.
लाखों किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
सरकार के अनुसार 2019 की कर्जमाफी योजना के लाभार्थियों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि 95 प्रतिशत किसानों ने समय पर भुगतान किया है. अब 2026 में भुगतान करने वालों के अलावा पिछले तीन वर्षों में से कम से कम दो वर्षों में कर्ज चुकाने वाले किसानों को भी पात्रता का लाभ मिल सकेगा. उन्होंने दावा किया कि इस तरह का फैसला राज्य में पहली बार लिया गया है.
बैंकिंग व्यवस्था और किसान हित दोनों पर फोकस
फडणवीस ने कहा कि सरकार किसानों को राहत देने के साथ-साथ बैंकिंग व्यवस्था को भी मजबूत बनाए रखना चाहती है. उन्होंने याद दिलाया कि राज्य सरकार हर साल करीब 25 हजार करोड़ रुपये की बिजली बिल राहत भी किसानों को दे रही है. सरकार का मानना है कि यह फैसला किसानों को आर्थिक सहारा देगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा.
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