देशभर में कई हाइवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं. ये एक्सप्रेसवे राज्यों और शहरों की कनेक्टविटी सुपरफास्ट कर रहे हैं. इसी कड़ी में राजस्थान में एक ऐसा एक्सप्रेसवे बन रहा है, जो राज्य की नई लाइफलाइन साबित होगा. हम बात कर रहे हैं 'ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे' की. राजस्थान में सड़क बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देने वाले इस एक्सप्रेसवे पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह एक्सप्रेसवे पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के बीच सफर आसान करेगा. एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर, अजमेर, भरतपुर और राजस्थान के कई प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से मिलेगा सीधा लिंक
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ाव है. नया कॉरिडोर दौसा के लालसोट क्षेत्र के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ेगा. इससे दिल्ली, गुरुग्राम और सोहना की ओर से आने वाले वाहन सीधे हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे नेटवर्क का उपयोग करते हुए अजमेर, ब्यावर और भरतपुर पहुंच सकेंगे.
कहां से कितना लगेगा समय?
इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद न सिर्फ राजस्थान के शहरों की दूरी कम होगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर से लेकर मुंबई जैसे शहर भी राजस्थान से जुड़ पाएंगे. इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दिल्ली से अजमेर महज साढ़े 4 से 5 घंटे में पहुंच सकेंगे. फिलहाल इस सफर में 7 से 8 घंटे का वक्त लग जाता है. इसके अलावा दिल्ली से भरतपुर पहुंचने में सिर्फ ढाई से 3 घंटे का वक्त लगेगा.
इसके अलावा ब्यावर से भरतपुर तक भी 3 से साढ़े तीन घंटे में पहुंचा जा सकेगा, यहां अभी 7 से 8 घंटे लग जाते हैं.
किन जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे?
277 किलोमीटर लंबा यह 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे राजस्थान के कई जिलों को जोड़ेगा. यह एक्सप्रेसवे जयपुर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली और भरतपुर को कनेक्ट करेगा. इन जिलों का सफर बेहद आसान होने जा रहा है. यह एक्सप्रेसवे जयपुर जिले के दूदू क्षेत्र के ग्राम झाग से शुरू होकर भरतपुर के ऊंचा नगला तक जाएगा, जहां यह NH-21 से जुड़ेगा.
इस प्रोजेक्ट से 210 गांव प्रभावित होंगे. कई जिलों में भूमि अधिग्रहण और रूट सर्वे का कार्य जारी है. यह एक्सप्रेसवे 277 किलोमीटर का होगा. इस कॉरिडोर पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से रफ्तार भर पाएंगे. एक्सप्रेसवे पर 30 बड़े और छोटे पुल, 4 रेल ओवर ब्रिज, 7 फ्लाईओवर, 10 इंटरचेंज और 179 छोटे-बड़े अंडरपास बनाए जाएंगे.
इन रास्तों से भी जुड़ेगा
यह एक्सप्रेसवे अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे, NH-448, NH-21 जैसे प्रमुख कॉरिडोरों से कनेक्ट होगा. इसके अलावा NH-48 और NH-21 पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी मदद करेगा.
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