विदेश में बैठकर भारत में गैंगवार, रंगदारी, टारगेट किलिंग और आतंक फैलाने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अब बड़ा दांव चल दिया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और दूसरी जांच एजेंसियों ने विदेश मंत्रालय यानी MEA को कम से कम 10 बड़े अपराधियों और आतंकियों के पासपोर्ट रद्द करने की सिफारिश भेजी है. पुलिस का मानना है कि अगर इन लोगों के पासपोर्ट रद्द हो जाते हैं तो इनकी अंतरराष्ट्रीय आवाजाही पर रोक लगेगी, ये लगातार देश बदलकर जांच एजेंसियों से बच नहीं पाएंगे और भविष्य में इन्हें भारत लाने का रास्ता आसान हो सकता है.
सूत्रों के मुताबिक, ये सभी आरोपी विदेश में बैठकर भारत में अपने गैंग ऑपरेट कर रहे हैं. इनमें से कई आरोपी कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और दुबई में छिपे हुए बताए जा रहे हैं. जांच एजेंसियों का कहना है कि ये लोग सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड ऐप्स और अपने शूटर नेटवर्क के जरिए भारत में हत्या, रंगदारी और शूटआउट जैसी वारदातों को अंजाम दिलवा रहे हैं. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हुई कई हाई प्रोफाइल हत्याओं और फायरिंग की घटनाओं में इन गैंगस्टरों का नाम सामने आया है.
विदेश से चल रहा है गैंग का पूरा नेटवर्क
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में अपराध का तरीका तेजी से बदला है. पहले गैंगस्टर भारत में रहकर अपराध करते थे, लेकिन अब कई बड़े अपराधी विदेश भाग चुके हैं और वहीं से पूरा नेटवर्क कंट्रोल कर रहे हैं. ये लोग सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को गैंग में भर्ती करते हैं, हवाला के जरिए पैसा भेजते हैं और फिर शूटरों को टारगेट देकर हत्या या फायरिंग करवाते हैं.
जांच एजेंसियों का कहना है कि विदेश में बैठे गैंगस्टरों के कारण जांच और गिरफ्तारी काफी मुश्किल हो जाती है. कई आरोपी लगातार देश बदलते रहते हैं, फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करते हैं और कानूनी खामियों का फायदा उठाते हैं. ऐसे में पासपोर्ट रद्द करने का कदम इनकी मूवमेंट रोकने और इंटरनेशनल स्तर पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
अर्श डल्ला को लेकर सबसे ज्यादा चिंता
इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम पंजाब के मोगा का रहने वाला अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डल्ला है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक वह फिलहाल कनाडा में मौजूद है और वहीं से खालिस्तानी आतंक और गैंग नेटवर्क चला रहा है. उस पर हत्या, आतंकवादी गतिविधियां, आतंक की फंडिंग, रंगदारी और गैंग ऑपरेशन समेत 50 से ज्यादा केस दर्ज हैं.
साल 2022 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. 2023 में भारत सरकार ने उसे व्यक्तिगत आतंकी घोषित कर दिया. जांच एजेंसियों का कहना है कि अर्श डल्ला अब प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स यानी KTF का बड़ा चेहरा बन चुका है. भारत ने कनाडा से उसकी गिरफ्तारी की मांग भी की थी लेकिन सफलता नहीं मिली.
दिल्ली पुलिस की जांच में यह भी सामने आया था कि अर्श डल्ला गैंग ने पंजाबी सिंगर एली मंगत पर हमले की साजिश रची थी. पंजाब में कई ग्रेनेड अटैक, टारगेट किलिंग और रंगदारी के मामलों में भी उसका नाम सामने आ चुका है.
गुरजंत उर्फ जनता बना अर्श डल्ला का करीबी
मोहाली का रहने वाला गुरजंत सिंह उर्फ जनता भी दिल्ली पुलिस की लिस्ट में शामिल है. जांच एजेंसियों के मुताबिक वह करीब 2018 में भारत छोड़कर पहले ऑस्ट्रेलिया गया और बाद में कनाडा पहुंच गया. वहीं उसकी नजदीकी अर्श डल्ला से बढ़ी और फिर वह खालिस्तानी नेटवर्क का हिस्सा बन गया.
पुलिस का दावा है कि जनता कनाडा, अमेरिका और पाकिस्तान में फैले नेटवर्क के जरिए भारत में रंगदारी और हथियार सप्लाई का काम देखता है. दिल्ली के एक कारोबारी से 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था. आनंद विहार फायरिंग केस और पंजाब में हुए कुछ ग्रेनेड हमलों में भी जांच एजेंसियां उसकी भूमिका तलाश रही हैं.
हिमांशु भाऊ का बढ़ता नेटवर्क
हरियाणा के रोहतक का रहने वाला हिमांशु भाऊ फिलहाल अमेरिका में छिपा बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक वह पहले पुर्तगाल भागा और बाद में अमेरिका पहुंच गया. पिछले कुछ सालों में उसका नेटवर्क तेजी से बढ़ा है और दिल्ली-हरियाणा में कई बड़ी वारदातों में उसका नाम सामने आया है.
दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस और NIA उसे हत्या, रंगदारी, शूटआउट और गैंग ऑपरेशन के मामलों में तलाश रही हैं. जांच एजेंसियों का कहना है कि जून 2024 के चर्चित बर्गर किंग मर्डर केस में भी उसका नाम सामने आया था. पुलिस का दावा है कि वह विदेश में बैठकर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को गैंग में जोड़ता है और फिर उन्हें शूटर बनाकर इस्तेमाल करता है.
2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. जांच एजेंसियों के मुताबिक हिमांशु भाऊ का नेटवर्क अब हरियाणा से निकलकर दिल्ली, पंजाब और राजस्थान तक फैल चुका है.
दुबई से ऑपरेट हो रहा गैंग नेटवर्क
दिल्ली का राशिद केबलवाला और सचिन गोलू भी पुलिस की बड़ी चिंता बने हुए हैं. दोनों के दुबई में छिपे होने की आशंका है. पुलिस का कहना है कि राशिद केबलवाला के संबंध गैंगस्टर हाशिम बाबा और लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क से हैं. उस पर रंगदारी, गैंगवार और कारोबारियों की हत्या करवाने के आरोप हैं.
नादिर शाह और कारोबारी सुनील जैन हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था. जांच एजेंसियों का कहना है कि वह लगातार दुबई, थाईलैंड और बाली के बीच लोकेशन बदलता रहता है ताकि एजेंसियों को चकमा दे सके. वहीं सचिन कुमार गोलू पर हत्या की कोशिश, चोरी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल उसे पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस का कहना है कि विदेश भागने के बाद उसने दुबई में बैठे सिंडिकेट से हाथ मिला लिया और अब वहीं से नेटवर्क चला रहा है.
नंदू गैंग और लॉरेंस गैंग पर फोकस
दिल्ली का कपिल सांगवान उर्फ नंदू भी इस सूची में शामिल है. वह फिलहाल ब्रिटेन में छिपा बताया जा रहा है. उस पर हत्या, रंगदारी, जमीन कब्जाने और गैंगवार के कई आरोप हैं. पुलिस के मुताबिक 2020 में भारत छोड़ने के बाद उसने विदेश में बैठकर अपना गैंग और मजबूत किया. INLD नेता नफे सिंह राठी हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था. इसके अलावा पंचकूला और आउटर दिल्ली में हुई कई वारदातों से भी उसे जोड़ा गया है. 2021 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था.
इसी तरह राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला रोहित गोदारा भी ब्रिटेन में छिपा बताया जा रहा है. वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग का करीबी माना जाता है. सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस, राजू ठेठ हत्याकांड और करणी सेना नेता सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में उसका नाम सामने आ चुका है.
सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग और कनाडा में पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर हुई फायरिंग से भी उसका नाम जोड़ा गया था.
अमेरिका में बैठे गैंगस्टरों का हरियाणा कनेक्शन
अंबाला का रहने वाला वेंकट गर्ग और जींद का रंदीप मलिक भी अमेरिका में बैठे बताए जा रहे हैं. जांच एजेंसियों के मुताबिक वेंकट गर्ग कपिल सांगवान के साथ मिलकर उत्तर भारत में रंगदारी नेटवर्क चला रहा है. पुलिस का दावा है कि वह हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के युवाओं को गैंग में भर्ती करता था.
वहीं रंदीप मलिक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया जा रहा है. नादिर शाह मर्डर केस और चंडीगढ़-गुरुग्राम में क्लबों पर हुई फायरिंग में भी उसका नाम सामने आया था.
योगेश कादियान भी एजेंसियों के निशाने पर
झज्जर का रहने वाला योगेश कादियान भी अमेरिका में छिपा बताया जा रहा है. जांच एजेंसियों के मुताबिक वह कम उम्र में ही विदेश भाग गया था और बाद में हिमांशु भाऊ के नेटवर्क से जुड़ गया. पुलिस का कहना है कि वह उत्तर भारत में रंगदारी और धमकी के नेटवर्क को संभालता था. उसके खिलाफ 2023 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था.
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पासपोर्ट रद्द होने के बाद इन गैंगस्टरों के लिए विदेश में कानूनी सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है. कई देशों में बिना वैध पासपोर्ट के रहना मुश्किल हो जाता है. इससे उनकी यात्रा सीमित होगी और उन्हें पकड़ने या भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया आसान हो सकती है.
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