विज्ञापन

ड्राइवरों की हड़ताल का ओला-उबर पर क्या असर? बुक हो रहे कैब-ऑटो या नहीं, जान लीजिए पूरी बात

ड्राइवरों की हड़ताल की खबरों के बीच यात्रियों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि ऐप पर ओला और उबर की कैब बुकिंग सामान्य रूप से चालू है.

ड्राइवरों की हड़ताल का ओला-उबर पर क्या असर? बुक हो रहे कैब-ऑटो या नहीं, जान लीजिए पूरी बात
  • दिल्ली-एनसीआर में टैक्सी, ऑटो और ट्रक ड्राइवरों कर रहे तीन दिनों की हड़ताल
  • हड़ताल के बावजूद ओला, उबर और रैपिडो जैसी प्रमुख कैब बुकिंग ऐप से आसानी से टैक्सी और बाइक ऑटो बुक हो रही हैं
  • कई ड्राइवर हड़ताल का समर्थन नहीं कर रहे हैं और अपनी सेवाएं जारी रख रहे हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

दिल्ली-एनसीआर में टैक्सी-ऑटो ड्राइवरों ने आज से तीन दिनों की हड़ताल का ऐलान किया है. इस हड़ताल में छोटे-बड़े ट्रक ड्राइवर भी शामिल हैं. ड्राइवरों ने ईंधन की बढ़ी कीमतों और ग्रीन सेस टैक्स के खिलाफ हड़ताल बुलाई है. कुछ यूनियनों ने दावा किया है कि इस हड़ताल में कैब सर्विस से जुड़े टैक्सी ड्राइवर भी शामिल हैं. ऐसे में सवाल यह है कि क्या हड़ताल की वजह से ओला-उबर जैसे ऐप पर भी कैब बुक करने में दिक्कत हो रही है? आइए बताते हैं.

क्या ओला-उबर पर बुक हो रही है टैक्सी?

ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के बीच हमने ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्रमुख कैब बुकिंग ऐप की पड़ताल की. हमने नोएडा से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के सभी प्रमुख कैब बुकिंग ऐप से टैक्सी बुक की. तीनो ऐप से ही रेलवे स्टेशन के लिए आसानी कैब बुक हो गई. जब हमने कैब ड्राइवर से हड़ताल के बारे में पूछा तो उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि वो इस हड़ताल का समर्थन नहीं कर रहे हैं और अपनी कैब चला रहे हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

क्या ऑटो और बाइक टैक्सी हो रही बुक?

दिल्ली-एनसीआर में लोग ऑटो और बाइक टैक्सी का भी इस्तेमाल करते हैं. हमे रैपिडो और उबर से जब ऑटो और बाइक बुक की, तो वो भी आसानी से बुक हो गई. कुछ ही मिनट में ड्राइवर राइड के लिए लोकेशन पर पहुंच भी गए. यानी सभी कैब बुकिंग ऐप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं.

बता दें कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और दिल्ली चालक शक्ति यूनियन ने 21 से 23 मई तक हड़ताल की घोषणा की. एक ड्राइवर ने IANS से बातचीत में कहा कि सीएनजी और तेल की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी है कि गरीब आदमी क्या करेगा? कैब ड्राइवर ने कहा कि पूरी रात काम करते हैं तब भी 500 रुपए नहीं बचा पाते. कैब ड्राइवर ने कहा कि तेल, सीएनजी का खर्च और गाड़ियों की किस्तों को निकाल दें तो पूरी रात काम करके भी 500 रुपए बचाने मुश्किल हो रहे हैं. 12 घंटे काम करने के बाद 500-600 रुपए के आसपास बचे हैं.

यह भी पढ़ें: टैक्सी-ऑटो बंद, ट्रक भी नहीं उतार रहे सामान... दिल्ली-NCR में ड्राइवरों की हड़ताल, ओला-उबर पर क्या असर?

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com