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Exclusive: 'हमारा बुलडोजर धर्म देखकर नहीं, नशे के सौदागरों पर चलता है', आपदा राहत की लेट-लतीफी पर भी बरसे CM सुखविंदर सिंह सुक्खू

हिमाचल प्रदेश में 'चिट्टे' के खिलाफ जंग से लेकर केंद्र सरकार से मिलने वाली राहत राशि तक... मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने NDTV के हर तीखे सवाल पर बेबाकी से रखी अपनी राय. पढ़िए इंटरव्यू में पूछे गए हर सवाल और उनके जवाब.

Exclusive: 'हमारा बुलडोजर धर्म देखकर नहीं, नशे के सौदागरों पर चलता है', आपदा राहत की लेट-लतीफी पर भी बरसे CM सुखविंदर सिंह सुक्खू
EXCLUSIVE: 'आपदा के वक्त 10 हजार करोड़ का हुआ नुकसान, हमें थमा दिए सिर्फ 1500 करोड़', केंद्र की नीति पर भड़के CM सुक्खू
NDTV Reporter

CM Sukhvinder Singh Sukhu Exclusive Interview: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के सियासी समीकरणों, केंद्र से मिलने वाली मदद और प्रदेश में पैर पसार रहे ड्रग्स नेटवर्क पर गुरुवार को खुलकर बात की है. NDTV से खास बातचीत में सीएम सुक्खू ने साफ कर दिया कि हिमाचल में कानून का राज है और अपराधियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने 'बुलडोजर एक्शन' पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमारी कार्रवाई किसी धर्म को देखकर नहीं, बल्कि नशे के सौदागरों के खिलाफ होती है. पढ़िए पूरा इंटरव्यू...

सवाल-1: पश्चिम बंगाल में जिस तरह से कांग्रेस हारी है, उसको लेकर आपकी क्या राय है?

जवाब: हमें तो कांग्रेस को मजबूत करना है. राहुल गांधी ने ठीक सोचा है. 20 साल बाद कांग्रेस ने सभी विधान सभा क्षेत्रों में अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं. सीटें 2 आईं, लेकिन यह शुरुआत है कि हर बूथ पर वहां कांग्रेस का कार्यकर्ता बैठा हुआ मिला. 50 साल से वहां कांग्रेस पार्टी नहीं जीती, लेकिन फिर भी वहां कांग्रेस कार्यकर्ता बैठा है. निश्चित तौर पर आगे आने वाले समय में कांग्रेस का भविष्य उज्जवल है.

सवाल-2: आप कांग्रेस को मजबूत करने की बात कर रहे हैं, लेकिन असम में लगातार बीजेपी जीत रही है. इसे आप किस तरह से देखते हैं?

जबाव: ये बिल्कुल सही है. असम में कांग्रेस की हार के क्या कुछ कारण रहे होंगे, ये तो हाईकमान जाने. किन कारणों से जीते? पॉलरजेशन कितना हुआ? ये महत्वपूर्ण विषय दोनों स्टेट में हैं. वहीं, जब हम केरला में जाते हैं तो विभिन्न विषयों में, विभिन्न परिस्थितियों के साथ, मतदाता का विचार अलग है.

सवाल-3: आप केरला की बात कर रहे हैं जिसका नाम अब केरलम हो गया है. वहां के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में इंडिया गठबंधन से कोई नहीं आया. इस पर आपका क्या कहना है?

जवाब: हम तो कांग्रेस के मुख्यमंत्री बने हैं, जिस स्टेट में कांग्रेस के मुख्यमंत्री बने हैं, हम तो वहां जाएंगे. जो सरकार बनती है उनके शपथ ग्रहण समारोह में खुशी से शामिल हों.

सवाल-4: लेकिन ममता बनर्जी और अखिलेश यादव जैसे बड़े नेता वहां नहीं पहुंचे, इसे लेकर क्या कहना चाहते हो?

जबाव: इसको लेकर मैं कुछ नहीं कहना चाहता. मुझे तो जो न्योता आया था, मैं तो उसके आधार पर गया था.

सवाल-5: अगले साल आपके यहां चुनाव हैं? आपको क्या लगता है कि कांग्रेस रिपीट होगी या फिर वही होगा कि एक पार्टी आती है दूसरी चली जाती है?

जवाब: ये तो जनता तय करेगी. साढ़े तीन साल में कांग्रेस पार्टी ने ईमानदार प्रशासन दिया है. लोगों की सेवा से संबंधित फैसले किए हैं. आपने देखा भी होगा कि लोग जिस एंटी एम्कांबेंसी की बात करते थे. नगर पंचायत और नगर परिषद के चुनाव के चुनाव में भी देखा होगा. अभी डेढ़ साल का वक्त है, वो चुनाव किन परिस्थितियों में होगा वो आने वाला वक्त तय करेगा.

सवाल-6: आपके सामने दो बीजेपी के कद्दावर नेता हैं. पहले- अनुराग ठाकुर और दूसरे- जेपी नड्डा. उनसे आप मुकाबला कैसे करेंगे?

जवाब: वो 2022 में भी थे. जगत प्रकाश नड्डा उस वक्त बीजेपी के नेशनल प्रेसिडेंट थे और अनुराग ठाकुर मंत्री थे. अब तो थोड़ी उनकी परिस्थितियों में परिवर्तन आया है. अनुराग ठाकुर अब एमपी हैं और जेपी नड्डा मंत्री हैं. जब भी परिस्थितियां आएंगीं तो उनसे लड़कर हम पहले भी जीते थे अब भी जीतेंगे.

सवाल-7: आपके यहां पिछले साल बड़ा डिजास्टर हुआ था. क्या आपको केंद्र सरकार से मदद मिल रही है या नहीं मिल पा रही है?

जवाब: जिस तरह की मदद मिल रही है वो कुछ ऐसी है कि 1 साल बाद, 2 साल बाद, कुछ पैसे मिलते हैं. लोगों को उसका फायदा नहीं होता. जब डिजास्टर आता है तो तुरंत रिलीफ मिलना चाहिए. अब तुरंत रिलीफ मिलता नहीं है. डिजास्टर के डेढ़ साल बाद पैसा मिलता है. वो जो लाल फीता शाही है, वो कागजों में ही फंसी रहती है. कागजों को काम पूरा करने में इतना समय लग जाता है कि उसके बाद पैसा मिलता है. जहां डिजास्टर आता है उन्हें तुरंत प्रभाव से पैसा दे देना चाहिए, ताकि तुरंत काम हो सके और आगे हम उन चीजों को ठीक कर सकें.

सवाल-8: तो कुछ पैसा मिला या नहीं मिला?

जवाब: डिजास्टर के समय जो एस्टीमेटेड पैसा है, वो मिला. 10 हजार करोड़ का नुकसान था तो 1500 करोड़ मिला. उससे कोई फायदा नहीं होता.

सवाल-9: अभी हम गए थे हिमाचल, वहां रूरल इलाके में सड़के बहुत खराब हैं. इस स्थिति को आप कैसे देखते हैं?

जवाब: अगर प्लेन एरिया में सड़क बनाने में 1 लाख रुपये खर्च होते हैं तो पहाड़ पर उतनी ही सड़क बनाने में 10 लाख रुपये की लागत आती है. ऐसे में सड़कों की हालत कहां से सुधरती है. निश्चित रूप से, पैसा मिलेगा तो सारे काम होंगे.

सवाल-10: हिमाचल प्रदेश में ड्रग्स की समस्या भी बढ़ती रही है. इसकी रोकथाम के लिए सरकार का क्या प्लान है?

जबाव: चिट्टे के खिलाफ हमने जन आंदोलन शुरू किया है. ये कोई इवेंट मैनेजमेंट नहीं है. STF लगातार ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. नशे के सौदागरों की संपत्तियां भी जब्त की जा रही हैं. उन अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चल रहा है. हमारा बुलडोजर नशे के सौदागरों के खिलाफ है. किसी धर्म के खिलाफ नहीं.

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