दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 6 मंजिला इमारत के ढह गई थी, जिसमें 7 लोगों की मौत हो चुकी है. रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है. इस बीच इस मामले पर दखल देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार ने हफ्तेभर के अंदर सभी हॉस्टलों की जानकारी मांगी है. हाई कोर्ट ने इस घटना पर कहा कि सत्य निकेतन की घटना दुर्भाग्यपूर्ण और चिंता पैदा करने वाली है.
सत्य निकेतन इलाके में बनी जो इमारत ढह गई थी, उसमें 'हॉस्टल डेज' नाम से बॉयज पीजी चल रहा था. NDRF ने बताया कि मलबे से अब तक 12 लोगों को निकाला जा चुका है और इनमें से 7 की मौत हो चुकी है.
दुर्घटना के अगले ही दिन दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल हुई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के साथ-साथ दिल्ली यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया.
हाई कोर्ट ने क्या-क्या कहा?
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील रखी कि हर कुछ महीनों में ऐसी घटनाएं होती हैं, जहां मासूम छात्र अपनी जान गंवा देते हैं. कभी आग लगती है, कभी पानी भरता है तो कभी इमारत ढह जाती है. इसमें MCD को कुछ करना चाहिए.
इस पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने MCD से पूछा कि क्या पीजी को लेकर दिल्ली में कोई रेगुलेशन है? हाई कोर्ट ने MCD से यह भी पूछा कि वह बताए कि इन पीजी हॉस्टलों में कितने छात्र रह रहे हैं.
अदालत ने कहा कि दिल्ली में बाहर से आए छात्रों के लिए हॉस्टल में दयनीय हालात हैं. भारी संख्या में पढ़ाई के लिए छात्र बाहर से दिल्ली आते हैं. छात्र देश का भविष्य हैं. सरकार को उनके लिए हॉस्टल का इंतजाम करने के लिए विचार करना चाहिए.

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सत्य निकेतन की घटना पर क्या कहा?
सत्य निकेतन की घटना पर दिल्ली हाई कोर्ट ने चिंता जताई है. हाई कोर्ट ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण और चिंता पैदा करने वाली है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि इस त्रासदी के लिए इमारत के मालिक ही नहीं, बल्कि MCD और दिल्ली यूनिवर्सिटी भी जिम्मेदार हैं.
हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में हॉस्टल की व्यवस्था नहीं होने के कारण देशभर से आने वाले छात्रों को पीजी में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है.
अदालत ने सरकार और यूनिवर्सिटी से हॉस्टल सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने पर जोर दिया. अदालत ने कहा कि छात्रों की जान को खतरे में डालने वाली व्यवस्था को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
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MCD को लगाई फटकार
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने MCD को फटकार भी लगाई. हाई कोर्ट ने कहा कि यह MCD और अन्य संबंधित अथॉरिटी की भी जिम्मेदारी है कि दिल्ली में होने वाला हर निर्माण नियमों के अनुरूप हो.
कोर्ट ने MCD को एक हफ्ते के भीतर अपने अधिकार क्षेत्र के सभी PG हॉस्टलों का निरीक्षण कर यह बताने का निर्देश दिया गया है कि वे स्वीकृत अनुमति और भवन उपनियमों के अनुरूप हैं या नहीं और इनमें कितने छात्र रह रहे हैं.
अदालत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पूछा है कि उसके कॉलेजों में कितने बाहरी राज्यों से आए छात्र पढ़ रहे हैं और विश्वविद्यालय या सरकार कितने हॉस्टल चला रही है? अदालत ने PG हॉस्टलों के लिए स्पष्ट नियमों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता. अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए 10 दिनों में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया.

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कल से अब तक क्या-क्या हुआ?
क्या हुआ था: दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 1:34 बजे सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की कॉल आई थी.
- कैसे गिरी इमारत: इस इमारत में लड़कों का पीजी चल रहा है. इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था. इसी से इमारत ढही.
- कितनी मौतें हुई: सोमवार को दूसरे दिन भी रेस्क्यू जारी है. NDRF के मुताबिक, 12 लोगों को निकाला गया है, जिनमें से 7 की मौत हो गई.
- गिरफ्तारियां हुईं: हादसे के बाद बिल्डिंग के मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवंडी से गिरफ्तार कर लिया गया है.
- सरकार ने क्या किया: सीएम रेखा गुप्ता के आदेश पर MCD के 5 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है, जिनमें साउथ जोन के डीसी राकेश कुमार भी शामिल हैं.
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