विज्ञापन

सत्य निकेतन हादसे में बेटे अर्पित को खोने वाले परिवार ने राहुल गांधी के छात्रों की गूंज में क्या कहा

दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में देवास के छात्र अर्पित जाज की भी मौत हुई थी. राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में अर्पित के परिजनों से बातचीत की है.

  • दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में देवास के छात्र अर्पित जाज की मौत हो गई थी.
  • राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में अर्पित जाज के परिजनों से मुलाकात की है.
  • अर्पित के परिजनों ने राहुल गांधी को बताया कि उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ा था.
इंदौर:

राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में देवास के छात्र अर्पित जाज के परिजनों से भी मुलाकात की है. दिल्ली के सत्य निकेतन भवन हादसे में 21 साल के अर्पित की मौत हो गई थी. राहुल गांधी ने अर्पित के दादा, पिता भूपेंद्र जाज और बहन प्रियांशी से बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने बताया कि अर्पित को वह किन मुश्किल हालातों में पढ़ा रहे थे. लेकिन अब उनका बेटा उनके पास नहीं है. अर्पित की बहन ने कहा कि पीजी हॉस्टल में बहुत ज्यादा किराया होने की वजह से छात्रों को पढ़ाई करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उनका भाई अपने सपने पूरा करना चाहता था. इसलिए उसे दिल्ली भेजा था. 

'12 घंटे तक कुछ पता नहीं चला: अर्पित का दादा 

अर्पित के दादा ने राहुल गांधी को बताया 'हम बहुत परेशान हो गए. 12 घंटे तक हमारे बच्चे के बारे में कुछ नहीं बताया गया. अपना बच्चा दिल्ली में पढ़ने गए. वह 6 तारीख को यहां से गया था और 7 को सुबह पहुंच गया. यह मेरा पोता था और अब मेरे बेटे का कोई नहीं बचा. वहां हमें बहुत परेशान किया गया.' बता दें कि 21 साल के अर्पित दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में पढ़ाई कर रहे थे. 

'मुश्किल से भाई को पढ़ा रहे थे'

अर्पित की बड़ी बहन प्रियांशी जाज ने कहा कि सिस्टम की गलती से निर्दोष लोगों की जानें जा रही हैं. बच्चे तो पढ़ने जाते हैं. आखिर उनकी क्या गलती है. परिवार अपनी बचत खर्च करके बच्चों को भेजते हैं. उस घटना को अब तक 13 दिन हो गए हैं, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया. मैं नहीं चाहता कि किसी और परिवार को ऐसा भुगतना पड़े. यदि बिल्डिंग का सेफ्टी ऑडिट होता रहता है तो ऐसा कभी नहीं होता. हादसे के बाद पता चल रहा है कि वह इमारत अवैध है. इस हादसे में रेस्क्यू भी टाइम से नहीं हुआ. अर्पित का रेस्क्यू होने पर भी हमें कुछ नहीं बताया गया. शवों को छिपाया जा रहा था और उसे मिसिंग में डाला जा सकता था.'

अर्पित के पिता है ड्राइवर

पिता ने कहा कि हमने किसी तरह उसे दिल्ली पहुंचाया था और आज उसका शव घर लौटा है. हमने इस दिन के लिए तो उसे दिल्ली नहीं भेजा था. हमें आज तक दिल्ली से कोई खबर नहीं है कि उस मामले में क्या हुआ. हमने तो कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा हो जाएगा. हमें पता नहीं था कि उस इमारत को दो मंजिल बनाने की ही परमिशन थी. हमें दिल्ली से किसी ने नहीं बताया था कि ऐसा हुआ है. उसके एक दोस्त ने बताया था कि पीजी गिर गया. आज तक कुछ नहीं बताया गया कि इस हादसे में क्या हुआ है. हमारा तो चिराग बुझ गया. यदि हम कोशिश नहीं करते तो हमारे बच्चे का शव नहीं मिलता.

ये भी पढ़ेंः मंच से PM मोदी की मिमिक्री पर घिरे राहुल गांधी, बुजुर्ग महिला के अपमान का आरोप; भड़की भाजपा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Rahul Gandhi, Chhatron Ki Goonj Indore, Chhatron Ki Goonj Congress, Satya Niketan Building Collapse, Satya Niketan Delhi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com