चीन के पुराने शासकों ने अपने इलाकों की सुरक्षा के लिए 'ग्रेट वॉल' बनवाई थी. इसका निर्माण सम्राट किन शि हुआंग ने शुरु करवाया. फिर हान राजवंश में भी ये बनता रहा और मिंग राजवंश (1368-1644) के दौरान पूरा हुआ. यह दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य ढांचा बन गया, जो उत्तरी चीन में 21,000 किलोमीटर (13,000 मील) से ज्यादा इलाके में फैला हुआ है. चीन की सबसे मशहूर 'विश्व सांस्कृतिक धरोहर' और चीनी सभ्यता के प्रतीक के तौर पर, यह दीवार दुनिया भर में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है.
बीजिंग के आस-पास के इसके हिस्से, खासकर बाडा लिंग और मुतियान्यु, सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हैं. जब दुनिया भर के नेता चीनी राजधानी का दौरा करते हैं, तो ये जगहें कूटनीतिक बातचीत के लिए भी अहम केंद्र होती हैं.
ग्रेट वॉल ने कई विश्व नेताओं और उनके परिवारों का स्वागत किया है, जिनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल, और अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप शामिल हैं. 2017 में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजकीय यात्रा के दौरान, अमेरिका की फर्स्ट लेडी ने मुतियान्यु का दौरा किया, जबकि उनके पति वियतनाम में एक शिखर सम्मेलन के लिए रवाना हो गए थे. मई में ट्रंप के साथ आए उनके बेटे एरिक और बहू लारा ने भी इस ऐतिहासिक जगह का दौरा किया था.
तो इतनी प्रमुख धरोहर क्यों ढह रही
ग्रेट वॉल का 'गुओजियायाओ' हिस्सा दूर-दराज के इलाके में होने के कारण उपेक्षा और तोड़-फोड़ का शिकार है. 2006 में इस दीवार की सुरक्षा के लिए कानून भी बनाया गया था. चीनी सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 20 सालों तक शानक्सी प्रांत के निंगवू काउंटी में दीवार के एक हिस्से का इस्तेमाल स्लैग (खनन का कचरा) डंप करने के लिए शॉर्टकट के तौर पर किया गया, जबकि व्हिसलब्लोअर्स ने अधिकारियों को बार-बार इसकी सूचना दी थी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रेट वॉल के गुओजियायाओ हिस्से को नुकसान 2007 में तब शुरू हुआ, जब बिना लाइसेंस वाली माइनिंग कंपनी, निंगवू चाओकाई कोल इंडस्ट्री ने खुदाई से निकले कचरे को ठिकाने लगाने के लिए दीवार के ढांचे में एक खाई खोद दी. 2013 में, कई माइनिंग टीमों को मिलाकर शेंडा चाओकाई कोल इंडस्ट्री बनाई गई और उसने भी पहाड़ के लंबे रास्तों से बचने के लिए उसी रास्ते का इस्तेमाल स्लैग डंप करने के लिए जारी रखा.
2007 से 2026 तक चलता रहा, अब जागे
CCTV ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने 2015 से व्हिसलब्लोअर्स की बार-बार की गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह तोड़-फोड़ लगभग दो दशकों तक जारी रही और दीवार में छह मीटर (19-फुट) का गैप बन गया. 'ग्रेट वॉल' (Great Wall) के संरक्षण से जुड़े नियमों के तहत, सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े अधिकारियों के लिए यह ज़रूरी है कि वे दीवार को नुकसान पहुँचने की सूचना मिलने पर तुरंत बचाव के उपाय करें और उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दें. कानून में सुरक्षा के लिए भौतिक निशान (मार्कर) लगाने का भी प्रावधान है. हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, गुओजियायाओ हिस्से में 2025 तक सीमा-चिह्न (बाउंड्री पोस्ट) नहीं लगाए गए थे.
मंगलवार को निंगवू काउंटी सरकार ने एक औपचारिक नोटिस जारी किया, जिसमें धरोहर को नुकसान पहुंचाने और अवैध रूप से स्लैग (मलबा) डंप करने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया गया. स्थानीय अधिकारियों ने वादा किया कि आस-पास के इलाकों में पर्यावरण को फिर से ठीक करने के साथ-साथ इमरजेंसी मरम्मत और ढांचे को मजबूत करने का काम भी किया जाएगा. काउंटी ने यह भी पुष्टि की कि पहले हुई आधिकारिक लापरवाही और ड्यूटी में कोताही की अब सक्रिय रूप से जांच की जा रही है. साथ ही, उन्होंने लंबे समय तक सुरक्षा के उपायों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई का वादा किया.
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