दिल्ली में कृषि भूमि खरीदना या बेचना महंगा हो सकता है. सरकार 18 साल बाद सर्किल रेट में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है. कुछ जिलों में ऐसी जमीनों का सर्किल रेट 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच सकता है. वहीं बाजार मूल्य और जमीनों की सौदों को देखें तो ये जमीनें 2 करोड़ से लेकर 15 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से भी अधिक में बिक रही हैं. केंद्र और दिल्ली सरकार ने सर्किल रेट में बदलाव के प्रस्तावों की समीक्षा की है. सूत्रों ने बताया कि पिछले हफ्ते केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने दिल्ली सरकार के साथ मिलकर सर्किल रेट पर लंबी चर्चा की थी. इस बदलाव से मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 (MPD-2047) के तहत पुनर्विकास और शहरीकरण के मौके बढ़ेंगे.
दिल्ली में कृषि भूमि के सर्कल रेट का प्रस्ताव क्या है?
कृषि भूमि के सर्कल रेट 2008 से नहीं बदले गए हैं. ये अभी न्यूनतम 53 लाख रुपये प्रति एकड़ है.यमुना किनारे वाले इलाकों में कृषि भूमि की दर 17.6 लाख रुपये प्रति एकड़ है.सरकारी समितियों ने सभी जिलों में सर्किल दरों को कई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. इसमें ग्रीन बेल्ट, शहरी गांवों और ग्रामीण दायरे में आने गांवों के लिए अलग-अलग रेट शामिल हैं.
साथ और नई दिल्ली में सबसे महंगी जमीन
साउथ और नई दिल्ली जिलों में कृषि भूमि के लिए 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर का प्रस्ताव है, जो सबसे अधिक है.नरेला, मुखर्जी नगर, रोहिणी, तिमारपुर, बवाना जैसे उत्तरी जिले के इलाके, द्वारका, जनकपुरी, नजफगढ़, राजौरी गार्ड जैसे पश्चिमी जिले के और शालीमार बाग, कंझावला, नरेला, कराला जैसे इलाकों वाले नार्थ वेस्ट दिल्ली के लिए 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़ रेट का प्रस्ताव है. करोल बाग, पटेल नगर जैसे सेंट्रल दिल्ली के लिए 2.5 करोड़ और शाहदरा, उत्तर-पूर्व तथा पूर्वी दिल्ली के लिए 2.25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर रखी गई है.
द्वारका-पालम, महरौली में नया सर्किल रेट
द्वारका, पालम, महरौली, छावला समेत दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के लिए रेट बढ़ाकर 3.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ किया गया है. कालकाजी, ग्रेटर कैलाश, शाहीन, सराय काले खां, ओखला समेत दक्षिण-पूर्व दिल्ली के लिए रेट को 2.5 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़ किया गया है. इनमें राजधानी के अलग-अलग इलाकों, गांवों की कैटेगरी और मौजूदा बाजार भावों के अंतर को ध्यान में रखा गया है.
जमीन की कीमतें 15 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब एक ही जिले के भीतर भी जमीन की कीमतों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है. नवंबर 2025 के प्रॉपर्टी डील को देखा जाए तो बिक्री की कीमतें 2.6 करोड़ से लेकर 15 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक रही है. साउथ दिल्ली में बाजार भाव 1.5 करोड़ रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक हैं.खानपुर में सबसे अधिक प्रापर्टी में उछाल आया है.छतरपुर और उससे सटे फार्महाउस वाले इलाकों में भी कीमतें काफी ऊंची हैं. जमीन की कीमतों में इस अंतर को देखते हुए सर्किल रेट बढ़ाया जा रहा है ताकि सरकार को राजस्व का नुकसान न हो. मौजूदा लेनदेन की कीमतों, जमीन की श्रेणी और लोकेशन को ध्यान में रखा गया है. दरअसल,दिल्ली में भू उपयोग और पुनर्विकास का तौरतरीका लगातार बदल रहा है.
छतरपुर, शाहदरा, नरेला और अलीपुर में बढ़े रेट
छतरपुर जैसे इलाकों में दरें 5 करोड़ से लेकर 8.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक हैं. पश्चिमी दिल्ली में जमीन की कीमतें 3.5 करोड़ से 6 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के बीच हैं. यहां ज़्यादातर सौदे उन शहरी गांवों से जुड़े हैं जो लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत आते हैं.नजफगढ़ में बाजार रेट 3 से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के बीच है. ग्रीन-बेल्ट और ग्रामीण जमीन की कीमत 2 करोड़ रुपये से 8 करोड़ रुपये के बीच है. शाहदरा में शहरी जमीन की कीमत 3 करोड़ से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है. ग्रीन-बेल्ट और ग्रामीण जमीन की कीमत 2 करोड़ से 8 करोड़ रुपये के बीच है.नरेला और अलीपुर में जमीन की कीमतें 3 करोड़ से 3.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के बीच है. अलीपुर में कीमतें ज्यादा हैं.
रोहिणा-कंझावला में नए सर्किल रेट का प्रस्ताव
सरस्वती विहार, रोहिणी और कंझावला में दरें 2.3 करोड़ रुपये से 2.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के बीच दरें हैं. ग्रीन-बेल्ट वाले गांवों में जमीन की कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये से 2 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है. नई दिल्ली जिले में बाजार कीमतों में काफी बड़ा अंतर देखने को मिलता है, जो 1.5 करोड़ रुपये से लेकर 18 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक है. लग्जरी प्रॉपर्टी और बंगले वाले इलाकों में कीमतें काफी ज्यादा हैं.
दिल्ली के किसानों की क्या है मांग
दिल्ली पंचायत संघ ने सरकार से कृषि भूमि के लिए सर्कल रेट बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने की मांग की है.किसान संगठन ने यह भी मांग की है कि जब तक नई दरें लागू नहीं हो जातीं, तब तक किसी भी कृषि भूमि का अधिग्रहण न किया जाए. उन्होंने दिवाली से पहले नए सर्कल रेट की घोषणा करने की मांग की है.
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