दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों यानी जेजे क्लस्टर्स की सूरत बदलने वाली है. इन झुग्गियों में रहने वाले 17 लाख लोगों को पक्का घर देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण DDA ने निजी डेवलपर्स से हाथ मिलाया है. दुनिया के सबसे बड़े स्लम क्लस्टर धारावी का तरह इन झुग्गी बस्तियों के लोगों की जिंदगी बदलेगी. दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत इन-सिटु स्लम रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम यानी जहां झुग्गी, वहीं मकान योजना को आगे बढ़ाया गया है. डीडीए ने ऐसी बस्तियों की जगह बहुमंजिला इमारतें बनाने के लिए रियल एस्टेट के निवेशकों के साथ हाल ही में बैठक की है. इसमें प्लान, फंडिंग जैसे मुद्दों पर बिल्डरों से सुझाव और फीडबैक लिया गया.
दिल्ली में 376 झुग्गी बस्ती (JJ Clusters in Delhi)
डीडीए और केंद्र सरकार की जमीन पर दिल्ली में 376 झुग्गी बस्ती हैं. इन झुग्गी झोपड़ियों की जगह 14 से 15 मंजिला RCC टावर बनेंगे. इसमें लिफ्ट, आग से बचने के उपकरण, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सौर ऊर्जा, पार्क और कम्युनिटी सेंटर होगा. झुग्गीवासियों को यह फ्लैट 1.42 लाख से 1.71 लाख रुपये का छोटा शुल्क देना होगा. इसमें 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल होता है. बाकी खर्च सरकार और अन्य एजेंसियां वहन करेंगी.

Delhi Saste Flats JJ Clusters
दिल्ली में कहां-कहां जेजे क्लस्टर्स
दक्षिण दिल्ली के कालकाजी एक्सटेंशन में भूमिहीन कैंप, जवाहरलाल नेहरू और नवजीवन कैंप हैं. इनमें 3 हजार से अधिक फ्लैट आवंटित हो चुके हैं. जेलरवाला बाग, अशोक विहार, से लेकर जेलरवाला बाग, गोल्डन पार्क के पास 1675 फ्लैट बन चुके हैं. कठपुतली कॉलोनी, शादीपुर में भी 2800 ईडब्ल्यूएस (EWS) फ्लैट बन चुके हैं.
दिलशाद कालोनी से रोहिणी तक झुग्गी बस्ती
ईस्ट दिल्ली में दिलशाद गार्डन में कलंदर कॉलोनी पार्ट 1 और 2, दीपक कॉलोनी, दिलशाद विहार कॉलोनी हो रही है. रोहिणी में सेक्टर 18 की खड्डा बस्ती, सेक्टर 19 का बादली गांव और सेक्टर 20 का पूत कलां एरिया भी विकसित हो रहा है. पीतमपुरा और शालीमार बाग में एकता कैंप, AO ब्लॉक, संजय सुधार समिति कैंप की तस्वीर भी बदलेगी. हैदरपुर में आयुर्वेदिक अस्पताल के सामने गौतम बुद्ध कॉलोनी क्लस्टर भी विकसित हो रही है. सेक्टर 17-26 रोहिणी के पास सूरज पार्क, समयपुर बादली में भी मलिन बस्ती का पुनरोद्धार हो रहा है. वसंत विहार और वसंत कुंज में कुसुमपुर पहाड़ी और जेएनयू के पास मोतीलाल नेहरू कैंप को डेवलप किया जाएगा. ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में गोला कुआं, इंदिरा कल्याण विहार और तैमूर नगर, ओखला ओवरहेड टैंक, मजदूर कल्याण कैंप के साथ पश्चिम दिल्ली में कीर्ति नगर की चूना भट्टी, हरिजन बस्ती की तस्वीर भी बदलेगी.
जेजे क्लस्टर्स का फ्लैट कैसा होगा
कारपेट एरिया: लगभग 25 से 30.5 वर्ग मीटर
सुपर बिल्टअप एरिया: 34 से 40 वर्ग मीटर
कमरों का लेआउट: 1 बेडरूम (न्यूनतम 6.5 वर्ग मीटर)
1 लिविंग, मल्टीपर्पज रूम: न्यूनतम 9 वर्ग मीटर
1 किचन, अलग बाथरूम और टॉयलेट, बालकनी
Following the directions of Hon'ble LG Shri Sardar Taranjit Singh Sandhu, DDA organised an Investors' Meet to take forward its In-Situ Slum Rehabilitation Programme. The meet brought together developers and stakeholders to seek inputs on project structure, financing, risk allocation and approval processes, supporting a transparent and market-responsive framework for rehabilitation. Under MPD-2047, DDA envisages in-situ rehabilitation of approximately 17 lakh JJ cluster dwellers, with a focus on safe, dignified housing, improved infrastructure and sustainable neighbourhood development.
— Delhi Development Authority (@official_dda) September 26, 2026
टावर बनने तक अस्थायी आवास मिलेगा
पात्र झुग्गीवासियों को उनके मौजूदा स्थानों पर ही बहुमंजिला इमारतों में पक्के मकान मिलेंगे, ताकि उनका विस्थापन न हो और उनकी आजीविका बनी रहे. नए घरों के साथ चौड़ी सड़कें, सीवरेज सिस्टम, पार्क, स्कूल-अस्पताल भी वहां डेवलप किए जाएंगे. बिल्डर्स और रियल एस्टेट डेवलपर्स के चयन के लिए जल्द टेंडर जारी होंगे. मुंबई में धारावी की तर्ज पर जब तक ये सोसायटी बनेंगी, तब तक इन लोगों के लिए अस्थायी आवास भी बिल्डर करेंगे. दिल्ली मेट्रो से कनेक्टिविटी मिलेगी.
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दिल्ली मास्टर प्लान 2047 क्या है
दिल्ली मास्टर प्लान (MPD-2047) के मुताबिक, वर्ष 2047 तक राजधानी में लगभग 40 लाख अतिरिक्त घरों की दरकार होगी. इसके लिए डीडीए किफायती छोटे घरों, किराये के घर, लैंड पूलिंग और TOD मॉडल को बढ़ावा दे रही है. डीडीए दिल्ली में केंद्र सरकार और अपनी भूमि पर 376 झुग्गी झोपड़ी बस्तियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी उठा रहा है. दिल्ली के कालकाजी एक्सटेंशन, और अशोक विहार के जेलरवाला बाग में इस इन-सिटु मॉडल के तहत कई पक्के फ्लैट बनकर तैयार हो चुके हैं.रोहिणी सेक्टर 18, 19, 20 और सूरज पार्क में भी ऐसे प्रोजेक्ट चल रहे हैं.
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