दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ अभियान में मेट्रो कनेक्टिविटी को तेजी से विस्तार देने का फैसला हुआ है. दिल्ली मेट्रो के निर्माणाधीन और प्रस्तावित 16 नए रूट के जरिये 279 किमी का विस्तार होगा. इससे दिल्ली मेट्रो की रोजाना आवाजाही अभी औसतन 50-60 लाख यात्रियों से बढ़कर 70-80 लाख तक पहुंच सकती है. नरेला, बवाना, रोहिणी-द्वारका, नजफगढ़, करावलनगर, मीठापुर जैसे दूरदराज के इलाकों तक मेट्रो विस्तार का फायदा होगा. दिल्ली के LG तरनजीत सिंह संधू के दिशानिर्देश पर डीडीए (DDA) की 11वीं बैठक में शुक्रवार को मास्टर प्लान फॉर दिल्ली 2047 (MPD 2047) पर लंबी बैठक हुई, जिसमें इस पर मुहर लगी.
दिल्ली मेट्रो का विस्तार तेज करने का फैसला (Delhi Metro Expansion)
दिल्ली मेट्रो (DMRC), दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभागों के अलावा अन्य शीर्ष अधिकारी इसमें शामिल थे. इसमें दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क 416 से बढ़कर 695 किलोमीटर करने का निर्णय हुआ. यानी 279 किमी का नया मेट्रो ट्रैक बनेगा.NCR को हाईस्पीड कनेक्टिविटी देने वाले नमो भारत ट्रेन के रीजनल रैपिड रेल नेटवर्क भी 82 किमी से बढ़ाकर 383 किमी करने की तैयारी है. इससे सड़कों पर वाहनों की कमी से प्रदूषण में भी बड़ी राहत मिलेगी.दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के ट्रांसपोर्ट प्लान के तहत मेट्रो के रूट बढ़ाने, ट्रेनों और बसों के बीच का सफर आसान बनाने और फुटपाथ को कब्जों से मुक्त करने का फैसला किया गया है.
मेट्रो के नए कॉरिडोर
दिल्ली मेट्रो के 279 किमी के विस्तार में फेज 4 के चार नए चरणों और नए फेज (फेज 5A और 5B) को जोड़ा जाएगा. इसमें गोल्डन लाइन, पिंक लाइन, रेड लाइन मेट्रो का विस्तार और रिंग मेट्रो की कनेक्टिविटी शामिल है.
ढांसा-नजफगढ़ मेट्रो रूट
ढांसा बस स्टैंड से आगे ग्रामीण बेल्ट और कीर्ति नगर से द्वारका, बामनौली मेट्रो कॉरिडोर आएगा. इसमें नजफगढ़, मित्राऊं, ढांसा, टिकरी कलां और छावला भी आएंगे.
नरेला-बवाना-रोहिणी का मेट्रो रूट
समयपुर बादली से नरेला, केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 और रिठाला-नरेला-कुंडली कॉरिडोर तैयार होगा. नरेला, बवाना, रोहिणी के दूरदराज के सेक्टर, अलीपुर और कुंडली (हरियाणा बॉर्डर) इससे कनेक्ट होंगे.
कालिंदी कुंज-मीठापुर-जैतपुर मेट्रो रूट
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज विस्तार, जोर बाग से मीठापुर लिंक तैयार हो रहा है. बदरपुर, जैतपुर, मीठापुर, मदनपुर खादर और ओखला एक्सटेंशन तक मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है. ट्रांस-यमुना और पूर्वी दिल्ली का अंदरूनी हिस्सा इसके दायरे में होगा.
शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 मेट्रो कॉरिडोर
शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 मेट्रो कॉरिडोर भी पूर्वी दिल्ली को ज्यादा बेहतर कनेक्टिविटी देगा. त्रिलोकपुरी, मयूर विहार फेज-3, कोंडली, घड़ोली और गाजियाबाद सीमा से सटे इलाके इस दायरे में आएंगे.
सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट से जेएनयू, वसंत कुंज और आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ मेट्रो कॉरिडोर का विस्तार हो रहा है. कर्तव्य भवन (नया केंद्रीय सचिवालय), नई दिल्ली रेलवे स्टेशन बैकयार्ड और दिल्ली गेट भी मेट्रो से जुड़ेगा.

दिल्ली मेट्रो फेज-4 (निर्माणाधीन रूट)
पिंक लाइन (एक्सटेंशन): मकुंदपुर से मयूर विहार-मौजपुर
मैजेंटा लाइन (एक्सटेंशन): जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम
गोल्डन लाइन (एयरोसिटी से तुगलकाबाद): एयरोसिटी से IGI एयरपोर्ट टर्मिनल-1 होते हुए तुगलकाबाद
लाजपत नगर - साकेत जी-ब्लॉक कॉरिडोर: लगभग 8.4 किमी लंबा (गोल्डन लाइन का हिस्सा)
इंद्रलोक - इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर: लगभग 12.4 किमी लंबा (जुलाई 2026 में शुरू हुआ)
रिठाला - नरेला -कुंडली (नाथूपुर) कॉरिडोर: लगभग 26.5 किमी लंबा
रामकृष्ण आश्रम - इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा) कॉरिडोर: लगभग 9.9 किमी लंबा (अंडरग्राउंड)
दिल्ली मेट्रो फेज-5A और 5B (नए कॉरिडोर)
धांसा बस स्टैंड - नांगलोई: (लगभग 11.86 किमी, 9 स्टेशन)
केंद्रीय सचिवालय - किशनगढ़: (लगभग 15.97 किमी)
समयपुर बाडली - नरेला: (लगभग 12.89 किमी, 8 स्टेशन)
कीर्ति नगर - पालम: (लगभग 9.96 किमी, 6 स्टेशन)
जोर बाग - साकेत/जी-ब्लॉक: (लगभग 16.99 किमी, 12 स्टेशन)
शास्त्री पार्क - मयूर विहार फेज-3: (लगभग 13.2 किमी, 8 स्टेशन)
केशवपुरम - रोहिणी सेक्टर-34: (लगभग 16.29 किमी, 12 स्टेशन

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आउटर दिल्ली को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी
DDA की लैंड-पूलिंग नीति में नरेला, बवाना और नजफगढ़ क्षेत्र में करीब 40 लाख नए घर बनाने का प्लान है.मेट्रो के 279 किमी विस्तार से ये नए रिहायशी इलाके भी साउथ और सेंट्रल दिल्ली से जुड़ेंगे. नरेला में 138 हेक्टेयर की एजुकेशन सिटी और स्पोर्ट्स सिटी को मेट्रो लाइफलाइन मिलेगी.मीठापुर, संगम विहार, करावल नगर, खजूरी, बवाना और बुराड़ी के अंदरूनी इलाकों तक मेट्रो की पहुंच होगी.
रोहिणी-नरेला-द्वारका चमकेंगे
दिल्ली से गुरुग्राम, नोएडा या सेंट्रल दिल्ली आने वाली हजारों गाड़ियों में कमी आएगी. दिल्ली की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा जिससे सर्दियों में प्रदूषण में सुधार होगा.
मास्टर प्लान 2047 के तहत नए मेट्रो स्टेशनों के 500 से 800 मीटर के दायरे में ऊंचा (FAR) दिया जाएगा. इससे स्टेशनों के आसपास ऑफिस, शॉपिंग मॉल और अपार्टमेंट बनेंगे.
कनॉट प्लेस, नेहरू प्लेस या भीकाजी कामा प्लेस जैसे बिजी इलाकों के बजाय रोहिणी, नरेला और द्वारका के सेक्टर में नए कारपोरेट ऑफिस खुलेंगे.
- दिल्ली में करीब 200 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक बनाने का प्रस्ताव
- NH-24 की तरफ 24 किलोमीटर लंबे साइकिल ट्रैक को मिली मंजूरी
- दिल्ली के 42 कॉरिडोर के लिए 1789 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी
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लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर फोकस
दिल्ली में यात्रियों के लिए ऑफिस, घर या बाजार से मेट्रो लेने के बाद तक घर पहुंचना बड़ी चुनौती है. इसको देखते हुए सराय काले खां, आनंद विहार और कश्मीरी गेट को विशाल ट्रांजिट हब बनाया जा रहा है. इससे यात्री बिना परेशानी के ट्रेन, मेट्रो और बसों की अदला-बदली कर सकेंगे. बसों, ऑटो या ई-रिक्शा के जरिये उन्हें घर तक लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मिलेगी. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 62 में से 34 भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक हॉटस्पॉट पर स्थिति सुधरी है. लेकिन द्वारका मोड़, सराय काले खां और मुकरबा चौक जैसे इलाके अभी भी रेड जोन में हैं.
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