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देश में रिकॉर्ड 11 करोड़ किसानों को फार्मर आईडी बनी, कागजी झंझट खत्म, कर्ज-फसल बीमा समेत ये 5 फायदे मिलेंगे

केंद्र सरकार ने डिजिटल कृषि मिशन के तहत 11 करोड़ 14-अंकों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित समय से 5 महीने पहले ही हासिल कर लिया. इससे पीएम किसान, केसीसी और बीमा जैसी योजनाओं का सीधा व पारदर्शी लाभ किसानों को मिलेगा. जानिए फार्मर आईडी के फायदे और इसे बनवाने का पूरा तरीका.

देश में रिकॉर्ड 11 करोड़ किसानों को फार्मर आईडी बनी, कागजी झंझट खत्म, कर्ज-फसल बीमा समेत ये 5 फायदे मिलेंगे
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  • केंद्र सरकार के डिजिटल कृषि मिशन के तहत निर्धारित समय से 5 महीने पहले ही 11 करोड़ किसान Card बन गई है.
  • फार्मर आईडी एक आधार आधारित चौदह अंकों का डिजिटल नंबर है, जो किसान, जमीन और फसल डेटा को एक साथ जोड़ता है.
  • इसकी मदद से पीएम किसान योजना, कृषि ऋण, फसल बीमा, आपदा राहत व न्यूनतम समर्थन मूल्य लाभ सीधे खाते में पहुंचता है

Farmer ID Digital Agriculture Mission : केंद्र सरकार के डिजिटल कृषि मिशन के तहत निर्धारित समय से 5 महीने पहले ही 11 करोड़ फार्मर आईडी यानी किसान विशिष्ट डिजिटल पहचान बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, एग्रीस्टैक फ्रेमवर्क के तहत जारी होने वाली यह 14 अंकों की विशिष्ट आईडी किसानों, उनकी भूमि के रिकॉर्ड और फसलों के डेटा को एक साथ जोड़ती है. इसकी मदद से पीएम किसान, KCC लोन, फसल बीमा, आपदा राहत और MSP खरीद का लाभ बिना किसी कागजी दौड़ धूप के सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगा. 

डिजिटल कृषि मिशन ने देश के कृषि क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर दी है. इस योजना के तहत 31 मार्च 2027 तक 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया था. हालांकि, कृषि मंत्रालय, राज्य सरकारों और मैदानी स्तर के अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से इसे 23 अक्टूबर 2026 की रात तक ही सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत बनाई गई, यह 14 अंकों की विशिष्ट किसान पहचान पारदर्शी और तत्काल सेवा वितरण व्यवस्था का आधार बन रही है. इस प्रणाली के माध्यम से देश के 6 करोड़ से ज्यादा किसानों को अब तक सीधा लाभ पहुंचाया जा चुका है.

फार्मर आईडी क्या है और यह कैसे काम करती है?

फार्मर आईडी एक आधार आधारित 14 अंकों का डिजिटल नंबर है. इसे एग्रीस्टैक सिस्टम के जरिए तैयार किया जाता है, जो किसान की पहचान, उसकी जमीन के खसरा या खतौनी नंबर और उस पर बोई गई फसलों के रियलटाइम डिजिटल सर्वे के डाटा को एक ही प्लेटफॉर्म पर सेव करता है. इसके बन जाने से किसानों को हर सरकारी योजना या बैंक लोन के लिए बार-बार कागजात जमा करने और सरकारी दफ्तरों या तहसीलों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है.

फार्मर आईडी बनवाने के 5 सबसे बड़े फायदे

सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ 

  • पीएम किसान और कृषि सब्सिडी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी को प्राथमिक माध्यम बनाया जा रहा है.
  • इसकी मदद से फर्जी रजिस्ट्रेशन और दोहरे सत्यापन की समस्या समाप्त होती है, जिससे सरकारी योजनाओं का पैसा बिचौलियों के बिना सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर होता है.

बिना भागदौड़ के तुरंत कृषि लोन और KCC

  • किसान क्रेडिट कार्ड या कृषि ऋण लेते समय बैंकों को विभिन्न विभागों से कागजी सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं होती.
  • बैंक प्रणाली में जमीन और किसान का सत्यापित डेटा पहले से मौजूद होने की वजह से कुछ ही मिनटों में डिजिटल वेरिफिकेशन पूरा कर लोन मंजूर हो जाता है.

आसान फसल बीमा और तत्काल क्लेम भुगतान

  • प्राकृतिक आपदा, सूखा या ओलावृष्टि से नुकसान होने पर यह स्पष्ट रहता है कि किस खेत में कौन सी फसल बोई गई थी.
  • बीमा क्लेम की प्रक्रिया पारदर्शी और बेहद तेज हो जाती है और मुआवजा राशि बिना किसी विवाद के सीधे खाते में आती है.

बिचौलिया मुक्त MSP खरीद

  • गेहूं, धान वगैरह फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए हर बार लंबे रजिस्ट्रेशन से राहत मिलती है. सरकारी क्रय केंद्रों पर केवल फार्मर आईडी को ईपॉप मशीन में दर्ज करके खरीद प्रक्रिया तुरंत पूरी कर ली जाती है.

खाद और उर्वरकों का सही वितरण

  • इस कार्ड में किसान के पास उपलब्ध कुल जमीन और मिट्टी के स्वास्थ्य का ब्यौरा दर्ज होने से उसे आवश्यकतानुसार खाद व बीज मिलते हैं, जिससे कालाबाजारी पर लगाम लगती है.

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ऐसे बनवाएं अपनी Farmer ID

अगर आप एक किसान हैं और अभी तक आपकी फार्मर आईडी नहीं बनी है, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से आसानी से रजिस्ट्रेशन कर अपना किसान पहचान पत्र बनवा सकते हैं.

  • अपने राज्य के आधिकारिक कृषि या राजस्व पोर्टल या केंद्र सरकार के कृषि ऐप पर जाएं.
  • अपना आधार नंबर दर्ज करें और आधार से जुड़े पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के जरिए बायोमेट्रिक या डिजिटल eKYC सत्यापन पूरा करें.
  • अगर खुद ऑनलाइन करने में असुविधा हो, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपने आधार कार्ड और जमीन की खतौनी के साथ अपनी 14 अंकों की फार्मर आईडी बनवा सकते हैं.

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