दिल्ली कैंट में ‘सिंदूर महा रक्तदान यात्रा' का आयोजन हुआ है. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कार्यक्रम में पहुंचे थे. इस मौके पर उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया. रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है.
उन्होंने कहा कि इस अभियान ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और पराक्रम को दुनिया के सामने रखा. उनके मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों और उनके आकाओं को निशाना बनाया. भारत के ख़िलाफ़ साज़िश करने वालों को इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ा.
ऑपरेशन सिंदूर और रक्तदान की तुलना
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने जहां देश के सैनिकों का साहस दिखाया, वहीं यह रक्तदान शिविर करुणा और सेवा की भावना को दर्शाता है. महाराष्ट्र से करीब 1,000 पहलवान और खिलाड़ी इस रक्तदान अभियान में शामिल हुए. उन्होंने रक्तदान कर सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता और सेवा की भावना दिखाई.
रक्षा मंत्री ने सभी रक्तदाताओं का आभार जताया. उन्होंने कहा कि आज दिया गया रक्त भविष्य में जरूरतमंद सैनिकों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण भंडार साबित होगा.उन्होंने रक्तदान को ‘जीवनदान' और ‘महादान' बताया.
राजनाथ सिंह ने कहा कि विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है. इसके बावजूद इंसानी खून का कोई कृत्रिम विकल्प अभी तक नहीं बनाया जा सका है. खून केवल इंसान का शरीर ही बना सकता है. इसलिए एक व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति के लिए रक्तदान करना सबसे महत्वपूर्ण सेवाओं में से एक है.
युवाओं से रक्तदान को आदत बनाने की अपील
रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्त देने वाला और रक्त पाने वाला, दोनों अपने-अपने तरीके से देश की सेवा करते हैं. उन्होंने खास तौर पर युवाओं से रक्तदान को समाज की संस्कृति बनाने की अपील की. राजनाथ सिंह ने कहा कि 2047 में जब भारत अपनी आज़ादी के 100 साल पूरे करेगा, तब लक्ष्य सिर्फ एक विकसित अर्थव्यवस्था बनाना नहीं होना चाहिए. भारत को ऐसा समाज बनाने की भी कोशिश करनी चाहिए, जहां लोग स्वस्थ और सुरक्षित हों और जरूरत के समय रक्त जैसी महत्वपूर्ण चीज़ आसानी से उपलब्ध हो.
फिटनेस पर जोर
रक्षा मंत्री ने युवाओं से फिट रहने की भी अपील की.उन्होंने कहा कि स्वस्थ और फिट व्यक्ति समाज के लिए ज्यादा उपयोगी होता है. वह रक्तदान जैसे नेक कामों में भी बेहतर तरीके से योगदान दे सकता है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ‘खेलो इंडिया' और ‘फिट इंडिया' जैसे अभियानों के जरिए युवाओं को फिटनेस को जीवनशैली बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
महाराष्ट्र के खिलाड़ियों की तारीफ
राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र की वीरता और सेवा की परंपरा का भी जिक्र किया.उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत आज भी पीढ़ियों को प्रेरणा देती है. उन्होंने कहा कि शारीरिक ताकत का असली उद्देश्य दूसरों की रक्षा करना और देश की सुरक्षा करना है. रक्षा मंत्री ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती से आए खिलाड़ियों और पहलवानों का रक्तदान देश की सेवा का एक नेक उदाहरण है.
करीब 500 लोगों ने स्वेच्छा से किया रक्तदान
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई वरिष्ठ नेता और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे. इनमें सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के लिए पर्याप्त रक्त भंडार बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है. सैन्य अस्पतालों में सामान्य इलाज के अलावा युद्ध, दुर्घटना और आपात स्थिति में भी बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज किया जाता है.
कार्यक्रम में करीब 500 स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने रक्तदान किया. आयोजकों के मुताबिक, यह अभियान ‘सेवा पहले, स्वयं बाद में' की भावना को दर्शाता है. साथ ही यह संदेश भी देता है कि हर स्वस्थ और योग्य नागरिक नियमित रक्तदान के जरिए किसी की जान बचाने में योगदान दे सकता है.
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