विज्ञापन

लोकसभा में सोमवार को लाए जाएंगे चार बड़े बिल, केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने समेत कई प्रस्ताव होंगे पेश

लोकसभा में सरकार चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी, जिनमें केरल का नाम बदलकर केरलम करने, सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने, ट्रिब्यूनल सुधार और खनन क्षेत्र से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं.

लोकसभा में सोमवार को लाए जाएंगे चार बड़े बिल, केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने समेत कई प्रस्ताव होंगे पेश
लोकसभा में सरकार सोमवार को चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी

सोमवार को लोकसभा में केंद्र सरकार अपने विधायी एजेंडे के तहत चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है. इनमें केरल का नाम बदलकर "केरलम" करने से लेकर सहकारिता, ट्रिब्यूनल व्यवस्था और खनन क्षेत्र में बड़े बदलाव से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं. इन विधेयकों पर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर विशेष नजर बनी हुई है.

'केरल' से 'केरलम' करने का प्रस्ताव

गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में केरल (नाम में परिवर्तन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे. यह विधेयक केरल विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद लाया जा रहा है. केंद्र सरकार की कैबिनेट पहले ही इस बदलाव को मंजूरी दे चुकी है. विधेयक के जरिए संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन कर राज्य का आधिकारिक नाम "केरल" से बदलकर "केरलम" करने का प्रस्ताव रखा जाएगा.

सहकारिता क्षेत्र को मिलेगी मजबूती

अमित शाह ही राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम (NCDC) विधेयक, 2026 भी सदन में पेश करेंगे. इस विधेयक का उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र को अधिक वित्तीय ताकत देना है. इसके लागू होने के बाद प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) और अन्य सहकारी संस्थाओं को सीधे ऋण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का रास्ता आसान हो जाएगा.

ट्रिब्यूनलों में सुधार की तैयारी

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026 पेश करेंगे. इस विधेयक का मकसद विभिन्न ट्रिब्यूनलों की कार्यप्रणाली को सरल और अधिक प्रभावी बनाना है. इसके तहत अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति, चयन प्रक्रिया तथा कार्यकाल में पारदर्शिता और एकरूपता लाने के प्रावधान किए गए हैं.

खनन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर जोर

खनन मंत्री जी किशन रेड्डी खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेंगे. इस विधेयक में निजी निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है. साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण और खनन पट्टों की प्रक्रिया को अधिक सरल और तेज बनाने का प्रस्ताव है. चारों विधेयकों का सीधा संबंध प्रशासन, अर्थव्यवस्था और विकास से जुड़ा है. ऐसे में सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही राजनीतिक और नीतिगत दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

यह भी  पढ़ें- UPI ग्राहकों के लिए निशुल्क... व्यापारियों से लिया जाएगा मामूली शुल्क, सरकार ने बताया क्यों किया गया संशोधन

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Lok Sabha, Parliamentary Session, Amit Shah
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com