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120 किमी रफ्तार की हवाएं, भारी बारिश और जलभराव; चक्रवात मुरासु के टकराने के बाद ऐसे हैं हालात

बंगाल की खाड़ी से उठा भीषण चक्रवात 'मुरासु' अब आंध्र प्रदेश के तट से टकरा चुका है. 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चली हवाओं और भारी बारिश ने कई जिलों में चिंता बढ़ा दी है. मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और समुद्र में 1.5 मीटर तक ऊंची लहरों की चेतावनी जारी की है, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्यों के लिए हाई अलर्ट पर है.

आंध्र तट पर मुरासु की दस्तक, तेज हवाओं और बारिश का दौर शुरू
ANI
  • आंध्र प्रदेश से टकराया चक्रवात मुरासु, 120 किमी रफ्तार की हवाओं ने बढ़ाई चिंता
  • मुरासु का लैंडफॉल पूरा, कई जिलों में भारी बारिश और जलभराव का खतरा
  • आंध्र तट पर मुरासु का कहर, 8 हजार बिजली खंभों पर खतरा

बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु' ने मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दे दी. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात ओंगोल के निकट नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराया. लैंडफॉल के दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलीं और कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई. प्रशासन ने पहले ही हाई अलर्ट जारी कर दिया था और संभावित नुकसान को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में राहत एवं बचाव तंत्र को सक्रिय रखा गया है.

ओंगोल के पास हुआ लैंडफॉल

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु' उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराया. चक्रवात ने ओंगोल के निकट नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट पार किया.

मौसम विभाग ने बताया कि लैंडफॉल के दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जबकि झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई. चक्रवात का ‘आई' यानी केंद्र तटीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया और इसके चारों ओर मौजूद घने बादलों का घेरा भी जमीन पर पहुंच गया.

रडार से लगातार हो रही निगरानी

आईएमडी ने बताया कि चक्रवात ‘मुरासु' पर चेन्नई और मछलीपट्टनम स्थित डॉप्लर वेदर रडार के माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है. मौसम वैज्ञानिक तूफान की दिशा, तीव्रता और संभावित प्रभावों का लगातार आकलन कर रहे हैं.

तेज हवा का कहर

तेज हवा का कहर
Photo Credit: PTI Video

सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे तक चक्रवात पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के निकट केंद्रित था. उस समय यह ओंगोल से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कावली से 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और बापटला से 70 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था.

कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के प्रबंध निदेशक और रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रखर जैन ने बताया कि लैंडफॉल के बाद कई जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है.

पश्चिम गोदावरी, एलुरु, कृष्णा, एनटीआर और गुंटूर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है. इसके अलावा बापटला, पलनाडु, मरकापुरम, प्रकाशम और नेल्लोर जिलों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है.

निचले इलाकों में जलभराव का खतरा

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों के कारण दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के निचले क्षेत्रों में पानी भर सकता है. विभाग के अनुसार समुद्री लहरें सामान्य स्तर से 1 से 1.5 मीटर तक ऊंची उठ सकती हैं. बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है. प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है.

समुद्र में उठने लगीं बड़ी लहरें

समुद्र में उठने लगीं बड़ी लहरें
Photo Credit: ANI वीडियो से

मुख्यमंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

चक्रवात के तट से टकराने से पहले मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार देर रात अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस कर स्थिति की समीक्षा की थी. उन्होंने संबंधित जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने और राहत-बचाव व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए. इससे पहले मुख्यमंत्री ने रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी के अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया था. उन्होंने कहा कि पूर्व में आए ‘रेमल' चक्रवात के बाद कई इलाकों में हालात सामान्य किए गए हैं और ‘मुरासु' के प्रभाव को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जाना चाहिए.

बिजली ढांचे को नुकसान की आशंका

राज्य सरकार के अनुमान के मुताबिक चक्रवात की तेज हवाओं के कारण दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा क्षेत्र में करीब 8,000 बिजली के खंभे प्रभावित हो सकते हैं. बिजली आपूर्ति बहाल रखने और आपात स्थिति से निपटने के लिए बिजली विभाग की टीमें पहले से तैनात की गई हैं.

चेन्नई में भी अलर्ट

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के आयुक्त जी.एस. समीरन ने कहा कि निगम पिछले दो दिनों से चक्रवात के संभावित प्रभाव को कम करने के लिए तैयारी कर रहा है. उन्होंने बताया कि ‘मुरासु' के भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद निगरानी और एहतियाती कदम और बढ़ा दिए गए हैं.

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