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This Article is From May 08, 2020

लॉकडाउन के बगैर भी लड़ी जा सकती है कोविड से जंग, दक्षिण कोरिया का '3T' मॉडल हुआ कामयाब

एक ओर जहां अमेरिका, चीन, इटली और भारत जैसे देश कोरोना वायरस से जूझते नजर आ रहे हैं. वहीं ताइवान के बाद दक्षिण कोरिया एक ऐसा देश बन गया है जिसने बिना वैक्सीन, एंटी बॉडी और बड़े पैमाने पर लॉकडाउन के बिना ही इस बीमारी से उबरने लगा है.

16 मार्च के बाद से दक्षिण कोरिया में एक्टिव केसों की संख्या कम होने लगी है.
नई दिल्ली:

एक ओर जहां अमेरिका, चीन, इटली और भारत जैसे देश कोरोना वायरस से जूझते नजर आ रहे हैं. वहीं ताइवान के बाद दक्षिण कोरिया एक ऐसा देश बन गया है जिसने बिना वैक्सीन, एंटी बॉडी और बड़े पैमाने पर लॉकडाउन के बिना ही इस बीमारी से उबरने लगा है. दक्षिण कोरिया में कई तरह की गाइडलाइन के साथ ही दफ्तर, म्यूजियम खुलने लगे हैं. सड़कों पर वैसी भीड़ तो नजर नहीं आ रही है लेकिन अब पहले जैसा सन्नाटा भी नहीं दिख रहा है. मई में ही स्कूल भी खोलने की तैयारी चल रही है. दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के लगभग 10 हजार केस हुए हैं जिसमें 9 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं. मई के शुरुआती दिनों में सिर्फ 30 केस आए हैं. दरअसल कोरोना से लड़ने के लिए दक्षिण कोरिया ने 3 टी (3T) मॉडल का इस्तेमाल किया है. इसका मतलब है, ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट. इस मॉडल की चर्चा NDTV के रवीश कुमार ने अपने शो Prime Time में की है.

भारत में कोरोनावायरस और उससे होने वाले रोग COVID-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, और संक्रमितों की तादाद 52,000 के पार हो चुकी है. इसी की रोकथाम की कोशिशों के तहत सरकार ने देशभर में 17 मई तक लॉकडाउन किया हुआ है.

अगर कोई देश जोखिम से निपटने के लिए तैयार नहीं है, तो उसे फिर लॉकडाउन की स्थिति में लौटना पड़ सकता है. इसका सिम्पल मतलब है कि सरकारें अपने हेल्थ सिस्टम को बेहतर करें. उसे इस तरह तैयार रखें कि ऐसी किसी भी स्थिति को संभाल सकें. दक्षिण कोरिया ने लॉकडाउन नहीं किया था, मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तक बंद नहीं हुए थे, मगर टेस्टिंग और आइसोलेशन पर बहुत ज़ोर दिया था. अब वहां मामलों की संख्या थमने लगी है. म्यूज़ियम, लाइब्रेरी और दफ्तर खुलने लगे हैं.

दक्षिण कोरिया की सड़कों पर भी ट्रैफिक सामान्य तो नहीं हो पाया है, लेकिन वापसी बता रही है कि दक्षिण कोरिया ने पहले चरण में ठीकठाक प्रगति की है. 13 मई से हाईस्कूल और 20 मई से किंडरगार्टन स्कूल खुल जाएंगे. 16 मार्च के बाद से दक्षिण कोरिया में एक्टिव केसों की संख्या कम होने लगी थी. अप्रैल में कुछ दिन नए केसों की संख्या दो या तीन ही रही. मई के महीने में पिछले पांच दिन में 30 ही नए केस आए हैं. 7 मई को नए केसों की संख्या सिर्फ सात थी. भारत ने लॉकडाउन किया, और 44 दिन बीत जाने के बाद एक भी दिन ऐसी उपलब्धि हासिल नहीं की है. दक्षिण कोरिया में स्कूल-कॉलेज खुलने लगे हैं. दक्षिण कोरिया में अभी तक 10,810 केस ही हुए हैं, जिनमें से 9,419 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं.

वीडियो: रवीश कुमार का प्राइम टाइम: तालाबंदी में जो पाया वो गंवा दिया हमने ?

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