- महाविकास अघाड़ी के 60 में से 37 विधायक ही पहुंचे. इस तरह 23 विधायक बैठक से गायब रहे.
- शरद पवार खुद भी बैठक में नहीं पहुंचे. इसे लेकर उद्धव ठाकरे का दर्द भी छलकता दिखा.
- उन्होंने एकता पर ही सवाल उठाया है और कहा कि क्या सच में हम लोग साथ हैं. यह सोचने वाली बात है.
शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे को हाल ही में अपनी पार्टी के 6 सांसदों की बगावत का सामना करना पड़ा है. इस बीच बुधवार देर शाम महाविकास अघाड़ी के विधायकों की बैठक बुलाई गई थी. इस मीटिंग में गठबंधन दलों के टॉप नेताओं को भी रहना था. लेकिन यहां भी महाविकास अघाड़ी के 60 में से 37 विधायक ही पहुंचे. इस तरह 23 विधायक बैठक से गायब रहे. सूबे के टॉप नेताओं में से एक शरद पवार खुद भी बैठक में नहीं पहुंचे. इसे लेकर उद्धव ठाकरे का दर्द भी छलकता दिखा. उन्होंने एकता पर ही सवाल उठाया है और कहा कि क्या सच में हम लोग साथ हैं. यह सोचने वाली बात है.
जो गए, उन्हें जानें दें, जो साथ हैं उनपर फोकस करेंः उद्धव ठाकरे
अपने सांसदों की बगावत पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि जो साथ हैं, उन पर फोकस करें, जो गए, उन्हें जाने दें. इस मीटिंग में MVA के 60 में से 37 विधायक ही पहुंचे. इसके अलावा एनसीपी-एसपी के नेता जयंत पाटिल और शरद पवार की गैरहाजिरी ने सबका ध्यान खींचा. यह चर्चाएं भी शुरू हो गईं कि आखिर MVA में अब एकता कितनी बची है.
शरद पवार, जयंत पाटिल भी बैठक में नहीं आए
हालांकि जानकारी मिली है कि शरद पवार और जयंत पाटिल निजी कारणों से गैरहाजिर रहे. इसकी कोई राजनीतिक वजह नहीं थी. फिलहाल महाराष्ट्र विधानसभा का मॉनसून सत्र चल रहा है और इसी बीच बुधवार देर शाम महाविकास अघाड़ी के नेताओं की बैठक हुई.
बैठक में कुछ यूं छलका उद्धव ठाकरे का दर्द
इस मीटिंग में यह चर्चा होनी थी कि विधानसभा में कैसे मुद्दों को उठाया जाए. बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा, 'जो लोग पार्टी छोड़कर चले गए हैं, उन्हें जाने दें. अब हमारा मुख्य ध्यान उन लोगों पर होना चाहिए जो हमारे साथ हैं और राज्य में महाविकास अघाड़ी को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए.'
उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी के रूप में हम राज्य में एक बड़ी ताकत हैं. हमें आपस में समन्वय बनाए रखना होगा और भविष्य में तीनों पार्टियां मिलकर संयुक्त सभाएं, रैलियां करेंगी.
क्या हम वास्तव में साथ हैं... उद्धव ठाकरे ने पूछा
पार्टी के 6 सांसदों के अलग होने बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने अघाड़ी की एकजुटता को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने पूछा, 'हम कहते हैं कि हम एक साथ हैं, लेकिन क्या हम वास्तव में एक साथ हैं? क्या हम सदन में महाविकास अघाड़ी के रूप में एकजुट हैं? क्या हम एक साथ मिलकर मुद्दे उठाते हैं?'
तीनों दलें मिलकर रहे, एकजुट विपक्ष का जाएं संदेश
ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि आगामी विधानमंडल सत्र में हमें एक मजबूत और एकजुट विपक्ष के रूप में काम करना चाहिए. इसके अलावा पूरे राज्य में होने वाली सभाएं, बैठकें और आंदोलन तीनों पार्टियों को मिलकर करने चाहिए, ताकि पूरे महाराष्ट्र में हमारी एकजुटता का संदेश जाए.
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