- उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम में पिछड़ा वर्ग को प्राथमिकता दी गई है, पश्चिम से पूर्व तक कई नेताओं को मौका
- प्रदेश के छह क्षेत्रों में से चार क्षेत्राध्यक्ष ओबीसी वर्ग के हैं, जिनमें पश्चिम और ब्रज क्षेत्र प्रमुख हैं
- भाजपा ने कुल उन्नीस उपाध्यक्ष बनाए हैं, जिनमें कई ओबीसी वर्ग के कई नेता शामिल हैं
उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम का गठन हो गया है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में बनी इस टीम में पार्टी ने पिछड़ा कार्ड चलने की कोशिश की है. राज्य में भाजपा का संगठन 6 क्षेत्रों में विभाजित है. इनमें से 4 क्षेत्रों के अध्यक्ष ओबीसी वर्ग के हैं. इनमें पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष नवाब सिंह नागर बने हैं, जो गुर्जर बिरादरी के हैं। इसके अलावा ब्रज क्षेत्र की कमान पूरन लाल लोधी को मिली है तो वहीं कानपुर क्षेत्र के अध्यक्ष राम किशोर साहू बने हैं. काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया बनाए गए हैं. अवध के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी बने हैं, जो ब्राह्मण समाज से हैं। वहीं गोरखपुर क्षेत्र की कमान विनोद राय को मिली है, वह भूमिहार हैं.
अब प्रदेश उपाध्यक्षों की बात की जाए तो कुल 19 उपाध्यक्ष बनाए गए हैं और इनमें भी कई ओबीसी वर्ग के हैं. इन नामों में सत्यपाल सैनी, पूजा पाल, दुर्विजय शाक्य, देवेश कोरी, सुरेश मौर्य, राजेश यादव शामिल हैं. यही नहीं 8 महामंत्रियों की सूची में भी 4 ओबीसी वर्ग के हैं. इस तरह भाजपा ने अखिलेश यादव के PDA कार्ड की काट निकालने की कोशिश की है. अकसर PDA के A की अलग-अलग परिभाषा सपा की ओर से दी जाती है, लेकिन P और D को लेकर पार्टी स्पष्ट नजर आती है. उसका कहना है कि हमारे P का अर्थ पिछड़ा से है और D का अर्थ दलित हैं. ऐसे में अखिलेश के कार्ड की भाजपा ने पिछड़ा के नाम से कार्ड बनाया गया है.
प्रयागराज क्षेत्र में पूजा पाल साधेंगी एक साथ कई समीकरण
यही नहीं भाजपा ने सामाजिक संतुलन को साधने के साथ ही क्षेत्रीय समीकरण भी साधने की कोशिश की है. एक तरफ प्रयागराज क्षेत्र में पूजा पाल को जिम्मेदारी दी है, जो सपा में थीं. उन्हें मंत्री तक बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन उन्हें उपाध्यक्ष बनाकर संगठन में जिम्मेदारी दी गई है. प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़ जैसे कई जिलों में पाल समाज की अच्छी खासी आबादी है. माना जा रहा है कि पूजा पाल को कमान देकर इस वर्ग को साथ लाने के प्रयास होंगे. बीते साल ही उन्हें बगावत के चलते सपा ने बाहर कर दिया था. उनके पति राजू पाल विधायक रहे थे और उनके ही कत्ल का आरोप अतीक अहमद पर था.
सत्यपाल, बेनीवाल, दुर्विजय शाक्य समेत कई नेताओं को मिला प्रमोशन
भाजपा ने पश्चिम यूपी से भी कई नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी है. इनमें मोहित बेनीवाल, सत्यपाल सैनी, दुर्विजय सिंह शाक्य, शामिल हैं. इसके अलावा महामंत्री, मंत्री जैसे पदों में भी पश्चिम के कई नेताओं को शामिल किया गया है. बता दें कि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी ओबीसी वर्ग की कुर्मी बिरादरी से आते हैं. ऐसे में अब उनकी टीम में भी ओबीसी वर्ग का खास ख्याल रखकर भाजपा ने सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है.
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