Jashpur Police Golden Book of World Records: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले ने सड़क सुरक्षा जागरूकता (Road Safety Campaign) के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है. जशपुर पुलिस द्वारा जिले के सभी 766 गांवों में एक ही दिन जन चौपाल आयोजित कर हेलमेट और यातायात सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के अभियान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है. सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए गए इस अनूठे अभियान ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है. इस उपलब्धि के लिए जशपुर पुलिस को सम्मानित किया गया. अधिकारियों का कहना है कि यह रिकॉर्ड केवल पुलिस की सफलता नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जन आंदोलन बने सड़क सुरक्षा अभियान की जीत है.
एक दिन में 766 गांवों तक पहुंचा सड़क सुरक्षा का संदेश
जशपुर पुलिस ने 24 जून को जिले के सभी 766 गांवों में एक साथ जन चौपाल आयोजित कर हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और नशामुक्त वाहन संचालन के प्रति लोगों को जागरूक किया. सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया. सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेशों को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाया गया और यातायात नियमों के पालन का संकल्प दिलाया गया. इसी अभूतपूर्व आयोजन के कारण जशपुर पुलिस का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया.

Golden Book of World Records: जशपुर पुलिस ने बनाया रिकॉर्ड
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने किया सम्मानित
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा ने डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह को प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान किया. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जशपुर पुलिस द्वारा चलाया गया अभियान समाज के लिए प्रेरणादायी है. इतनी बड़ी संख्या में गांवों में एक साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना एक असाधारण उपलब्धि है.
कम से कम 50 लोगों का जीवन बचाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने विष्णु देव साय ने कहा कहा कि जशपुर पुलिस द्वारा हेलमेट जागरूकता अभियान के अंतर्गत विभिन्न माध्यमों से सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है. इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम 50 लोगों का जीवन बचाने का संकल्प लिया गया है, जिसे सफल बनाने में आपका सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है. हेलमेट अवश्य पहनें, तेज गति एवं शराब पीकर वाहन न चलाएं. आपकी सतर्कता ही आपके परिवार की सुरक्षा है.
सुरक्षित सफर, सुरक्षित जीवन।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) June 20, 2026
जशपुर पुलिस द्वारा हेलमेट जागरूकता अभियान के अंतर्गत विभिन्न माध्यमों से सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है। इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम 50 लोगों का जीवन बचाने का संकल्प लिया गया है, जिसे सफल बनाने में आपका सहयोग सबसे… pic.twitter.com/U7IgZLQsuv
हेलमेट जागरूकता को बनाया मिशन
जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए जशपुर पुलिस ने हेलमेट जागरूकता को विशेष अभियान के रूप में शुरू किया था. 18 अप्रैल 2026 से इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हेलमेट रैली, जन चौपाल, शपथ कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान शामिल रहे. पुलिस का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाना था.
10 हजार लोग रैली में, 60 हजार ने ली शपथ
अभियान के दौरान जिले के विभिन्न हिस्सों में निकाली गई हेलमेट रैलियों में 10 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया. इसके अलावा 60 हजार से ज्यादा नागरिकों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई. पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ा.

Golden Book of World Records: अवॉर्ड के साथ पुलिस अधिकारी
मुख्यमंत्री से लेकर आम नागरिक तक जुड़े
अभियान को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से हेलमेट पहनने की अपील की. इसके साथ ही तीन हजार से अधिक गणमान्य नागरिकों ने भी सड़क सुरक्षा का संदेश लोगों तक पहुंचाया.
🏆 जशपुर पुलिस ने रचा इतिहास!
— Jashpur police (@SpJashpur) June 25, 2026
सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु जिले के सभी 766 ग्रामों में एक ही दिन हेलमेट जागरूकता अभियान चलाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। 💚
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए *Golden Book of World Records* द्वारा "Largest Helmet Awareness Campaign… pic.twitter.com/lWCilQTfr5
‘पुलिस मितानों' ने गांव-गांव पहुंचाया संदेश
जशपुर पुलिस के लगभग 5 हजार ‘पुलिस मितान' भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बने. उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को हेलमेट के महत्व, सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया. ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क के जरिए अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप मिला.
जनभागीदारी को बताया सफलता की कुंजी
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, प्रशासनिक अमले, जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और पुलिस मितानों को दिया. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनभागीदारी सबसे बड़ा हथियार है. जशपुर पुलिस आगे भी यातायात जागरूकता अभियान लगातार चलाती रहेगी.
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