- मराठा आरक्षण विशेषज्ञ अजय बारस्कर ने मनोज जारांगे पाटिल के खिलाफ ED में भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई है
- बारस्कर ने मनोज जरांगे और उनके सहयोगियों पर एक हजार करोड़ रुपये के रेत तस्करी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है
- शिकायत में ED से मनोज जरांगे और उनके साथियों की संपत्ति और जमीन के सौदों की गहन जांच की मांग की गई है
मराठा आरक्षण विशेषज्ञ अजय बारस्कर ने मनोज जारांगे पाटिल के खिलाफ ED में शिकायत दर्ज कराई है और उनकी संपत्ति और जमीन के सौदों की जांच की मांग की है. बारस्कर ने 1,000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार और रेत की तस्करी का आरोप लगाया है और मनोज जरांगे व उनके सहयोगियों के खिलाफ ED को सबूत सौंपे हैं.
ED कार्यालय के बाहर बात करते हुए बारस्कर ने कहा, "मनोज जरांगे और उनके सभी सहयोगियों ने मराठा आरक्षण आंदोलन के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया है और अवैध संपत्ति जमा की है. मैंने इन अवैध गतिविधियों के खिलाफ ED में आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज कराई है."
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अजय बारस्कर ने आगे कहा, "मुझे ED ऑफिस से समन मिला था. मैं डिप्टी डायरेक्टर के सामने पेश हुआ, अपना पक्ष रखा और सभी उपलब्ध सबूत सौंपे. मराठा समुदाय के आरक्षण के नाम पर, मनोज जरांगे के साथी जैसे पांडुरंग तारक, ईश्वर बालंडे, गंगाधर कलकुटे, श्रीराम पुरणकर, संजय कटारे, स्वप्निल तारक, बद्रीनाथ तारक, उनके जीजा विलास खेड़कर और अन्य लोग रेत माफिया का काम करते हैं, जो उनका सबसे बड़ा धंधा है. उन्होंने कम से कम एक हजार करोड़ रुपये का भारी भ्रष्टाचार किया है, और मैंने ED के अधिकार क्षेत्र में इसकी गहन जांच और औपचारिक मामला दर्ज करने की मांग की है. इन सभी लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जाना चाहिए और उनकी संपत्तियों की जांच होनी चाहिए. डिफेंडर जैसी लग्ज़री गाड़ियां कहाँ से आईं? लीलावती अस्पताल में इलाज के लिए पैसा कहां से आता है? पांडुरंग तारक ने 50 एकड़ और 28 एकड़ जमीन खरीदी; इन्हीं सब मामलों को लेकर हम ED ऑफिस आए हैं."
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