- दिल्ली में जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास चार किलोमीटर क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी
- रेलवे ने सुरक्षा कारणों से 28 प्रमुख ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जिससे नई दिल्ली के कई मार्ग प्रभावित होंगे
- 10 अक्टूबर को सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक सेंट्रल दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था बाधित रहने की संभावना है
दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 को सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है. गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद नई दिल्ली के जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं. इसके साथ ही रेलवे ने कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द किया है और राजधानी में बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है.
24 घंटे बंद रहेगा मोबाइल इंटरनेट
दिल्ली पुलिस ने टेलीकॉम कंपनियों को पत्र लिखकर इंटरनेट सेवाएं बंद करने के निर्देश दिए हैं. आदेश के अनुसार जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास 4 किलोमीटर के दायरे में 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी. मोबाइल इंटरनेट की सभी तकनीकों पर रोक लागू होगी. यह आदेश दूरसंचार अधिनियम 2023 और दूरसंचार सेवा निलंबन नियम 2024 के तहत जारी किया गया है. एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया, जियो और एमटीएनएल को इसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.
ट्रैफिक और रेल सेवाएं भी प्रभावित
दिल्ली में 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक सेंट्रल दिल्ली में ट्रैफिक प्रभावित रहने की आशंका जताई गई है. प्रस्तावित प्रदर्शन और ट्रैफिक एडवाइजरी के मद्देनजर रेलवे ने 28 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है. इससे नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और तिलक ब्रिज आने-जाने वाली कई ट्रेनें प्रभावित होंगी. रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में मगध एक्सप्रेस, तेजस राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, श्रमशक्ति एक्सप्रेस, यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और कई अन्य ट्रेनें शामिल हैं. रेलवे के अनुसार कुछ ट्रेनें रेक उपलब्ध नहीं होने के कारण भी रद्द की गई हैं.

दिल्ली में 23 हजार CAPF जवानों की तैनाती
सूत्रों के मुताबिक 8 से 12 अक्टूबर तक दिल्ली में सुरक्षाबलों की कुल 221 कंपनियां तैनात रहेंगी. गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त 110 CAPF कंपनियां उपलब्ध कराई हैं. इनमें 85 CRPF, 10 SSB, 7 RAF, 7 ITBP और 1 CISF कंपनी शामिल है. प्रदर्शन के दौरान करीब 23 हजार CAPF जवानों के अलावा दिल्ली पुलिस के लगभग 20 हजार पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे. सूत्रों के अनुसार G20 शिखर सम्मेलन को छोड़ दें तो हाल के वर्षों में यह सबसे बड़ी सुरक्षा तैनातियों में से एक है. तुलना के तौर पर G20 के दौरान 236, ब्रिक्स कार्यक्रम में 200, जुलाई में लगभग 150 और किसान आंदोलन के समय 93 कंपनियां तैनात की गई थीं.
दिल्ली की सीमाओं पर सख्त निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश और हरियाणा को भी अलर्ट रहने को कहा गया है. दिल्ली की सीमाओं पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और 10 अक्टूबर को पूरा नई दिल्ली क्षेत्र सील रहने की संभावना जताई गई है. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मल्टीलेयर बैरिकेडिंग की जाएगी. CCTV कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी होगी, जबकि भीड़ में संदिग्ध और आपराधिक तत्वों की पहचान के लिए FRS कैमरे भी लगाए जाएंगे. कई इलाकों में BNSS की धारा-163 लागू रहेगी, जिसके तहत बिना अनुमति लोगों के जुटने या प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी.
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