दिल्ली में कॉकरोज जनता पार्टी का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन आगे कितनी रफ्तार पकड़ेगा ये आज साफ हो जाएगा. सीजेपी के मुखिया अभिजीत दीपके ने गांव जाकर अपनी दादी को अंतिम विदाई दे दी है. अगर फिर अभिजीत दीपके दिल्ली लौटते हैं, तो विरोध प्रदर्शन को यकीनन बल मिलेगा. हालांकि, इस बीच सीजेपी के प्रमुख सदस्य आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान कर दिया है कि वे लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं. लेकिन अभिजीत दीपके के दिल्ली में न होने और पुलिस से एक बार फिर प्रदर्शन की इजाजत मांगने से लगता है कि सीजेपी ने एक कदम पीछे लिया है.
एक कदम पीछे या बदली रणनीति?
कॉकरोज जनता पार्टी ने अब शायद अपनी रणनीति बदल ली है. अभिजीत दीपके एंड पार्टी ने अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की नई तारीख मांगने का फैसला किया है. इसके लिए सीजेपी के नेता आज 10 बजे पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. सीजेपी ने जंतर-मंतर पर नए प्रदर्शन की तैयारी कर दी है. 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने यही तर्क दिया था कि प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले इजाजत नहीं मांगी गई थी. शॉर्ट नोटिस पर इजाजत मांगी गई. लेकिन सीजेपी ने अब इजाजत लेकर प्रदर्शन करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. पार्टी के नेताओं का कहना है कि अगर पुलिस कोई तारीफ नहीं बताती है, तो वे खुद डेट और समय का ऐलान कर देंगे.
आशुतोष रांका ने रविवार को कहा कि वह और संगठन के अन्य नेता जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की खातिर तारीख मांगने के लिए सोमवार को दिल्ली पुलिस से संपर्क करेंगे. सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में रांका ने कहा कि वह, कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास, कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह और अन्य नेताओं के साथ सोमवार सुबह 10 बजे संसद मार्ग थाना जाएंगे ताकि प्रदर्शन के लिए तारीख मांगी जा सके. रांका ने कहा, "दिल्ली पुलिस हमें 24 घंटे के भीतर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख दे सकती है, वरना कॉजपा नये प्रदर्शन का आह्वान करेगी."
दादी को याद कर भावुक हुए दीपके
10 अक्टूबर को हिरासत में लिये गए अभिजीत दीपके को जब रिहा किया गया, तो वह दादी को श्रद्धांजलि देने पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचे. वह दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे, क्योंकि उस समय वह दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए थे. ऐसे में अभिजीत दीपके श्मशान घाट पहुंच, जहां उनकी दादी का अंतिम संस्कार किया गया था. दीपके ने यहां पर फूल चढ़ाकर दादी को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान दादी की यादों को याद कर अभिजीत दीपके भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. वह कुछ देर तक उसी श्मशान घाट पर रुके रहे, जहां उनकी दादी का अंतिम संस्कार हुआ था.
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अगर दिल्ली लौट आए अभिजीत दीपके...!
अभिजीत दीपके अगर दिल्ली लौटे आते हैं और सीजेपी के प्रदर्शन की कमान संभाल लेते हैं, तो माहौल बदल सकता है. सीजेपी ने साफ कर दिया है कि अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास ने अदालत में यह लिखकर नहीं दिया है कि वह कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे. अभिजीत दीपके अभी तक कॉकरोज जनता पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे हैं. दीपके की आवाज जेन-Z सुनता है, ऐसे अगर वह दिल्ली लौटते हैं, तो सीजेपी के प्रोटेस्ट को यकीनन रफ्तार मिलेगी. हालांकि, अभिजीत दीपके को लेकर सीजेपी ने अभी तक स्थिति साफ नहीं की है.
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