- भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन पर सख्ती की तुलना आपातकाल से करना अपमानजनक बताया
- त्रिवेदी ने राहुल द्वारा एलन मस्क के स्वागत पर सवाल उठाते हुए विदेशी कंपनियों से नजदीकी पर आपत्ति जताई
- उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भाषा के आधार पर विभाजन फैलाना चाहते हैं, जो प्रयास सफल नहीं होगा
कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से विरोध प्रदर्शन के ऐलान के बाद दिल्ली में बरती जा रही सख्ती की आपातकाल से तुलना को भाजपा ने गलत बताया है. पार्टी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक किलोमीटर के रेडियस में अगर बैरिकेडिंग हो गई तो आपको इमरजेंसी की याद आ गई? अगर आप इमरजेंसी जैसी चीज से कल दिल्ली में जो हुआ उसकी तुलना करते हैं तो आप उन एक लाख से ज्यादा लोगों का अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने आपातकाल झेला था. आप उनका मजाक उड़ा रहे हैं. इसके अलावा राहुल गांधी की ओर से एलन मस्क के स्वागत वाली पोस्ट पर भी त्रिवेदी ने ऐतराज जताया.
उन्होंने कहा, 'राहुल जी, आप Star Link का स्वागत कर रहे हैं? कांग्रेस हमेशा विदेशी कंपनियों के साथ क्यों रहती है.' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विभाजकता फैलाना चाहते हैं. राहुल गांधी भाषा के आधार पर लड़ाना चाहते हैं, जो कोशिश सफल नहीं होगी. उन्होंने कहा कि आज भारत में मतदाता बनने के लिए कोई पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है तो फिर भारत में Voter Turnout बढ़ाने के लिए अमेरिका से करोड़ों रुपया क्यों आ रहा था. त्रिवेदी ने सवालिया अंदाज में कहा कि कांग्रेस हमेशा विदेशी कंपनियों के साथ क्यों रहती है.
अमेरिका में 1GB data की कीमत 550 से ₹600 है जबकि भारत में 15 से 17 रुपए है. राहुल गांधी कहते थे कि उनके फोन में पेगासस था. अब दूसरी तरफ यह कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने क्या चाल चला है कि सरकार को तो उसकी कोई जानकारी नहीं है. समाजवादी पार्टी कांग्रेस को 100 सीट देने के लिए तैयार नहीं है.उन्होंने आंदोलन को लेकर भी बात की. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सभी को प्रोटेस्ट करने का अधिकार है, लेकिन उसको कितना स्वीकार किया जाता है यह अलग सवाल है. 2 महीने पहले जो छात्रों और परीक्षा से जुड़ा उनका विरोध था वह अचानक एक राजनीतिक मुद्दे पर विरोध में कैसे बदल गया.
डुसू चुनाव का उल्लेख करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि हम छात्र संघ का चुनाव जीते हैं, युवाओं का मनोभाव क्या है हम जानते हैं. पंजाब में नगर निगम चुनाव में धांधली हुई थी यह ध्यान रखना चाहिए. आम आदमी पार्टी को कोई गंभीरता से नहीं लेता. उनका स्वरूप कई बार बदल चुका है. उनकी कथनी और करनी में अंतर है. यह बहुत बड़ा कारण है की आप को लेकर विश्वसनीयता का संकट है.
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