अमेरिका के राष्ट्रपति आज से लगभग 9 महीने पहले ईरान की राजधानी तेहरान में रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन का सपना देख रहे थे. उसी चाहत में जंग शुरू कर दी और अब उसी जंग ने अमेरिका के अंदर डोनाल्ड ट्रंप के पर कुतर दिए हैं. मिडटर्म इलेक्शन में बुरी हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के हाथ से कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट का कंट्रोल चला गया है. विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने दोनों ही सदन में बहुमत पा लिया है.
वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार रात कहा कि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के भारी नुकसान के लिए ईरान में चल रहा युद्ध भी कुछ हद तक जिम्मेदार है.
मिडटर्म चुनाव में क्या हुआ?
CNN के मुताबिक 2026 के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स हाउस और सीनेट दोनों पर कब्जा कर लेंगे, ये एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत होगी. डेमोक्रेट्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक अलोकप्रियता का फायदा उठाकर बड़ी जीत हासिल की और इतनी ताकत पा ली कि वे अगले दो सालों में ट्रंप और उनकी सरकार पर लगाम लगा सकेंगे.
बहुमत पाने के लिए डेमोक्रेट्स ने उन गहरे लाल यानी रिपब्लिकन गढ़ वाले इलाकों में भी जीत हासिल की, जहां दशकों से डेमोक्रेट्स नहीं जीते थे. इसमें साउथ कैरोलिना में सीनेट की सीट जीतना भी शामिल है, जहां ट्रंप 2024 में 18 पॉइंट से जीते थे, और टेक्सास में भी जीत, जहां 1994 के बाद से कोई भी डेमोक्रेट राज्य स्तर पर नहीं जीता था, और यहां तक कि कंसास में भी जीत, जहां 1932 के बाद से कोई डेमोक्रेट सीनेटर नहीं चुना गया था.
संसद पर कंट्रोल बदलने के साथ पिछले 22 महीनों का उथल-पुथल भरा दौर एक तरह से पूरा हो गया. पिछले 50 सालों में केवल दो बार ऐसा हुआ है कि एक ही चुनाव में दोनों सदनों का नियंत्रण बदला हो. इस हार के मुख्य कारण महंगाई, ट्रंप के टैरिफ, ईरान युद्ध और ट्रंप के आचरण और खुद को अमीर बनाने को लेकर वोटर्स की चिंता लग रहे हैं.
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