- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित SIT अपनी फाइनल रिपोर्ट बुधवार शाम तक सरकार को सौंप सकती है
- रिपोर्ट में चोरी के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनकी जवाबदेही तय करने की संभावना है
- आरोपी लवकुश के निर्माणाधीन घर पर अयोध्या विकास प्राधिकरण का बुलडोजर चल सकता है
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित SIT अपनी फाइनल रिपोर्ट बुधवार शाम तक सरकार को सौंप सकती है. टीम को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया था, जो आज पूरा हो रहा है. हालांकि ये भी देखने वाली बात होगी कि क्या जांच दल रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कुछ और समय मांगता है या तय समयसीमा के भीतर अपनी जांच पूरी कर देता है. रिपोर्ट में चोरी के लिए जिम्मेदारों की पहचान कर जवाबदेही भी तय की जा सकती है.
अयोध्या में भगवान राम के भक्तों के चढ़ावे को अपनी जेब में रखने वालों का हिसाब लगातार हो रहा है. इस मामले में अब वो रिपोर्ट सामने आने वाली है, जिसके बाद इस पाप के भागीदारों के कई और राज का खुलासा कर सकती है. इस रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी का पूरा लेखा-जोखा होगा.
अब होगा चढ़ावा चोरों का हिसाब
मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम आज शाम तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है. सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट के नतीजे औपचारिक रूप से एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को सौंपे जाएंगे. इसके बाद आगे प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है. सबकी नजरें रिपोर्ट की बातों और उसकी समीक्षा के बाद सरकार के अगले कदमों पर होंगी. रिपोर्ट में चोरी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और जवाबदेही तय होने की संभावना है.
आरोपियों पर बुलडोजर एक्शन की तलवार!
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों पर बुलडोजर कार्रवाई की तलवार भी लटक रही है. खासकर आरोपी लवकुश की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिसके निर्माणाधीन घर पर ADA का नोटिस पहुंच गया है. निर्माणाधीन मकान पर अंतिम नोटिस चस्पा करने के साथ अयोध्या विकास प्राधिकरण ने पेश होने का आखिरी मौका दिया है. दरअसल ADA का कहना है कि अब तक वह पहले के नोटिस के बावजूद कोई कागज पेश नहीं कर पाया है. जिसके बाद घर पर कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है .
SIT की रिपोर्ट में क्या क्या हो सकता है?
- डोनेशन मैनेजमेंट सिस्टम में बड़े बदलाव की सिफारिश संभव
- दान पेटी से बैंक तक पूरी प्रक्रिया की जांच
- कैश कलेक्शन, गिनती और बैंकिंग की पड़ताल
- CCTV, डिजिटल साक्ष्य और रिकॉर्ड की जांच
- वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन की पड़ताल
- सुपरवाइजर और अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में
- सुरक्षा मानकों और SOP पालन की पूरी समीक्षा
- एक्सेस कंट्रोल और रिकॉर्ड मेंटेनेंस की जांच
- सर्विलांस, ऑडिट और निगरानी व्यवस्था की पड़ताल
- लापरवाही या मिलीभगत पर तय होगी जवाबदेही
सीएम योगी और अमित शाह के बीच 40 मिनट की बैठक
SIT रिपोर्ट आने से पहले मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने कर्तव्य भवन पहुंचे. 'चंदा चोरी' घोटाले के सामने आने के बाद यह उनकी पहली मुलाकात थी, जो कि 40 मिनट तक चली. ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलावों और CEO पद के लिए चल रही प्रक्रिया के बीच ये मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं