तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ ने पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले करूर में हुई भगदड़ पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस घटना में कई लोगों ने अपनों को खो दिया था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है. मैंने इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की थी. मैंने पुलिस पर भी भरोसा किया था. लेकिन पुलिस ने मुझ पर ही इस घटना के आरोप लगा दिए थे. लेकिन हमारी सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और आने वाले समय में इस तरह की कोई घटना न हो इसके लिए भी सरकार जरूरी कदम उठाएगी.
मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक पल: सीएम विजय
सीएम विजय मैंने पुलिस पर भरोसा किया था, अगर पुलिस सही जानकारी देती थी तो घटना को रोका जा सकता था. जब पुलिस को पता था कि भीड़ बढ़ रही है तो वह मुझे करूर में दाखिल होने से रोक सकते थे. उन्हें रैली रद्द करने का भी पूरा अधिकार था. लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया और मुझे अंदर ले गए. यह घटना मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक पल है. जो आज भी मुझे परेशान करती है. लेकिन करूर मेरे दिल से कभी नहीं निकल सकता. 41 निर्दोष लोगों के सम्मान में करूर में एक भव्य स्मारक बनाया जाएगा. जो हमारी उन पीड़ितों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी.' विजय मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार करूर जिले के दौरे पर पहुंचे थे. जहां उन्होंने कई बड़े ऐलान किए हैं.
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डीएमके पर साधा निशाना
इस दौरान विजय ने डीएमके पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा 'इसके लिए असल में कौन जिम्मेदार है, किसने यह सब रचा? मुख्यमंत्री ने भगदड़ के तुरंत बाद अपनी चुप्पी को लेकर हुई आलोचना का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि आपने मेरा मज़ाक उड़ाया. जब मैं घर पर बहुत दुखी और परेशान था, तो आपने कहा कि मैं छिप रहा हूं. इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक विरोधियों और पुलिस ने भगदड़ भड़काने की साजिश रची थी. लेकिन क्या पुलिस ने पर्याप्त संख्या में लोगों को तैनात किया था? उन्होंने बेशर्मी से मुझ पर दोष मढ़ा और एमके स्टालिन ने विधानसभा में राजनीति की थी. उन्होंने टीवीके के इस दावे को दोहराया कि यह घटना पार्टी के चुनाव अभियान को पटरी से उतारने की कोशिश में रची गई थी. जबकि बाद में वह अभियान सफल रहा और टीवीके की सरकार बनी.'
सीएम विजय ने करूर के 41 पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था. शुक्रवार को उन्होंने सभी पीड़ितों को नियुक्ति पत्र भी सौंप दिए. सीएम विजय ने सभी पीड़ित परिवारों से मुलाकात भी की थी.
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