- ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कभी राज्यसभा जाने की इच्छा पार्टी या किसी नेता से व्यक्त नहीं की है
- उन्होंने समाजवादी पार्टी के परिवार के सदस्यों के साथ लंबे समय से अच्छे संबंध और सम्मान बनाए रखा है
- ब्रजभूषण ने कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और उनकी बेटी आराधना मिश्रा की राजनीतिक समझ और संस्कारों की तारीफ की
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच बीजेपी के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह से NDTV ने एक्सक्लुसिव बातचीत की. ब्रजभूषण ने साफ किया कि उन्होंने कभी किसी से राज्यसभा जाने की इच्छा व्यक्त नहीं की है. उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास इस बात का कोई प्रमाण है कि उन्होंने अपनी पार्टी या किसी दूसरी पार्टी के नेता से राज्यसभा भेजे जाने की मांग की हो, तो वह सामने लाए. ब्रजभूषण ने कहा कि उन्होंने हमेशा लोकसभा की राजनीति को प्राथमिकता दी है और जब, जहां, जिस भूमिका में पार्टी चाहेगी, वे वहां काम करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने पार्टी से राज्यसभा भेजने की इच्छा जताई होती, तो संभव है पार्टी उन्हें भेज भी देती, लेकिन उन्होंने ऐसा कभी नहीं किया.
'अखिलेश और उनके परिवार से अच्छे संबंध'
समाजवादी पार्टी से राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके अखिलेश यादव और उनके परिवार से लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं. उन्होंने याद दिलाया कि वह कभी समाजवादी पार्टी से सांसद भी रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के परिवार के संस्कार और विनम्रता की वह हमेशा सराहना करते रहे हैं. यहां तक कि उन्होंने अपने बच्चों से भी कहा था कि राजनीतिक परिवार के संस्कार सीखने के लिए कुछ समय मुलायम सिंह यादव के परिवार के साथ बिताना चाहिए.
आराधना मिश्रा पर क्या बोले?
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष बनीं आराधना मिश्रा 'मोना' के बारे में पूछे जाने पर ब्रजभूषण ने उनके पिता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि प्रमोद तिवारी उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे मजबूत जनाधार वाले नेताओं में रहे हैं और उनकी बेटी में भी वही संस्कार और राजनीतिक समझ दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव मोना के मुद्दे पर नहीं, बल्कि राहुल गांधी के नेतृत्व और उनके मुद्दों पर लड़ा जाएगा.
बाबा रामदेव से कैसे हुआ समझौता?
योग गुरु बाबा रामदेव के साथ लंबे समय तक चले विवाद और बाद में समझौता होने पर ब्रजभूषण ने कहा कि पूरा विवाद एक बयान के संदर्भ को लेकर पैदा हुआ था. उन्होंने बताया कि किसानों की एक बैठक में उन्होंने लोगों को अपना दूध और घी पैदा करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा था कि केवल किसी ब्रांड का घी खाने से बच्चे मजबूत नहीं हो जाएंगे. इसी बयान के बाद विवाद बढ़ा और फिर बातचीत के दौरान मामला आगे बढ़ गया. बाद में दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई.
तुकाराम मुंढे के काम की तारीफ की
महाराष्ट्र FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे की मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करते हुए ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई पूरे देश में होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट गंभीर चिंता का विषय है और कई बीमारियों के बढ़ने के पीछे यह भी एक बड़ा कारण है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रिश्तों को लेकर चल रही चर्चाओं पर ब्रजभूषण ने कहा कि उनके और मुख्यमंत्री के बीच कभी कोई खराब संबंध नहीं रहे. उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाया था और वे उनसे मिलने भी गए थे. उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सदस्य भी समय-समय पर मुख्यमंत्री से मिलते रहते हैं, इसलिए संबंध खराब होने की बात सही नहीं है.
कुश्ती संघ विवाद और अपने खिलाफ चले आंदोलन पर बोलते हुए ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कुछ खिलाड़ियों और लोगों के हितों के टकराव की वजह से विवाद खड़ा हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ खिलाड़ियों को बिना ट्रायल के मौके दिलाने के लिए दबाव बनाया गया और खेल से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई. ब्रजभूषण ने कहा कि वह उन खिलाड़ियों के साथ खड़े थे जिन्हें उनके मुताबिक निष्पक्ष अवसर नहीं मिल रहा था और इसी वजह से कई लोग उनसे नाराज हो गए. उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरे घटनाक्रम में कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका थी.
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