जापान में एशियन गेम्स में शनिवार को टीम इंडिया ने बहुत ही तूफानी अंदाज में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर पुरुष की क्रिकेट का भी स्वर्ण पदक जीत लिया. इससे पहले टीम हरमनप्रीत कौर ने स्वर्ण पदक जीता था.पाकिस्तान को रजत पदक से संतोष करना पड़ा लेकिन उसके खिलाड़ी इस बात से संतोष ले सकते हैं दोनों टीम के बीच हुए '3 जोरदार राउंड' में एक में बाजी उसके नाम रही, जबकि एक में वह टीम इंडिया के काफी नजदीक रहा. चलिए बारी-बारी से डिटेल से जानिए इस पूरे मैच की कहानी कि कौन सा राउंड भारत की जीत का आधार बना, तो मुकाबला हारने के बावजूद पाकिस्तान ने किस राउंड की बाजी जीतकर टीम इंडिया को संदेश दिया.
पहला राउंड (पावर-प्ले)
यह राउंड टी20 में किसी भी टीम की जीत की कहानी लिखने में बड़ी भूमिका अदा करता है. जब बात शुरुआती 6 ओवरों की आती है, तो जहां भारत ने इस पहले राउंड में यानी शुरुआती 6 ओवरों में 2 विकेट पर 81 रन बनाए, तो वहीं पाकिस्तान की टीम जब 212 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तो वह इन 36 गेंदों पर 2 विकेट खोकर 39 रन ही बना सकी. भारत ने इस पहले राउंड में पाकिस्तान के मुकाबले 42 रन ज्यादा बनाए. और इन्हीं राउंड में वास्तव ने भारत का स्वर्ण पदक सुनिश्चित कर दिया.
दूसरा राउंड: भारत को करना होगा काम
यह राउंड है बीच के ओवर यानी पावर प्ले (शुरुआती 6 ओवर) खत्म होने के बाद 7 से लेकर 15 ओवर का खेल. बीच के ओवर का खेल और इसमें पाकिस्तान ने माजी मार ली. ये वो 9 ओवर होते हैं, जब 30 गज के घेरे के बाहर 5 फील्डर होते हैं. इस दौरान जहां भारत ने 3 विकेट खोकर 56 रन बाए, तो पाकिस्तान ने 2 विकेट खोकर 91 रन. इस राउंड में पाकिस्तान ने भारत की तुलना में 35 रन ज्यादा बनाए. पाकिस्तान स्वर्ण पदक की लड़ाई तो हार गया, लेकिन अगर इसके नजदीक पहुंचा, तो पहले तो उसके गेंदबाजों खासकर स्पिनरों ने टॉप क्लास बॉलिंग की, तो इसके बाद इन ओवरों में उसके बल्लेबाजों ने रन भारत से ज्यादा बनाए.
तीसरा राउंड
इस राउंड का मतलब है स्लॉग ओवर. बोले तो आखिरी पांच ओवरों का खेल. इस राउंड में भी पाकिस्तान ने जमकर लोहा लिया. लेकिन यहां कुछ ही अंतर से पाकिस्तान हार गया. भारत ने आखिरी 5 ओवरों में 1 विकेट खोकर 74 रन बनाए. इसमें तिलक वर्मा का तूफानी अंदाज में बोला, लेकिन हसन नवाज की इसी राउंड का अंदाज टीम का भला नहीं कर सका. पाकिस्तान ने इस आखिरी या तीसरे राउंड में 2 विकेट खोकर 62 रन बनाए. भारत के मुकाबले 12 रन कम. इससे साफ है कि भारत अगर स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहा, तो उसकी सबसे बड़ी वजह पहला राउंड यानी पावर-प्ले के शुरुआती 6 ओवर रहे. और इसमें भी अभिषेक शर्मा का अंदाज, जिनका तूफानी अर्द्धशतक भारत की जीत का आधार बन गया.
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