दिल्ली में बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा शुरू कर दी है. इस अभियान में पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए हैं. बीजेपी का कहना है कि विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का जवाब जनता के बीच जाकर दिया जाएगा. इससे पहले पार्टी ने ऐलान किया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी 2 नवंबर को इस पदयात्रा में शामिल होंगे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.
बीजेपी की यह सक्रियता ऐसे समय में सामने आई है जब कांग्रेस और इंडी गठबंधन चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. कांग्रेस का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोटर सूची से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित करने जा रहा है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि पार्टी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ' नाम से बड़ा जनसमूह जुटाएगी. कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस रैली के जरिए SIR प्रक्रिया को रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाएंगे. विपक्ष का दावा है कि यह लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की लड़ाई है.
ऐसे में 1 नवंबर की कांग्रेस रैली और 2 नवंबर को अमित शाह की मौजूदगी वाली बीजेपी पदयात्रा ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. दोनों पक्ष लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.
यह भी पढ़ें-
क्यों खरगे के घर पर मॉक पार्लियामेंट का आयोजन करना चाहता है विपक्ष?
बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा शुरू, SIR पर कांग्रेस की रैली से पहले सियासत तेज
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं