नागपुर जिले की सावनेर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक आशीष देशमुख ने विपक्षी विधायकों को पार्टी में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इस समय ऐसा करने की कोई जरूरत ही नहीं है. आशीष देशमुख ने कहा कि विपक्ष के सांसद एक मजबूत केंद्र के लिए एनडीए में शामिल हो सकते हैं, लेकिन महाराष्ट्र में सत्ताधारी 'महायुति' गठबंधन में विपक्षी विधायकों को शामिल करने की जरूरत क्या है, क्योंकि गठबंधन के पास पहले से ही विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत है.
कौन हैं आशीष देशमुख?
विदर्भ इलाके के एक जाने-माने राजनीतिक परिवार से आने वाले आशीष देशमुख ने 2024 के विधानसभा चुनाव में सावनेर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी. उनके पिता, रंजीत देशमुख, महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि उनके चाचा, एनसीपी (सपा) के अनिल देशमुख, महा विकास अघाड़ी सरकार के दौरान महाराष्ट्र के गृह मंत्री थे. आशीष देशमुख 2014 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हुए और नागपुर जिले की काटोल सीट से अपने चाचा अनिल देशमुख को हराया. वे कांग्रेस में लौट आए और 2019 के विधानसभा चुनावों में तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन राहुल गांधी के खिलाफ दिए गए बयानों के कारण उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया. इसके बाद वे फिर से भाजपा में शामिल हो गए, जिसने उन्हें 2024 के विधानसभा चुनावों में सावनेर से मैदान में उतारा, यह सीट 2004 से कांग्रेस का गढ़ रही है.
भाजपा MLA ने क्यों उठाए सवाल?
आशीष देशमुख ने दावा किया कि और विधायकों को शामिल करने से सत्ताधारी गठबंधन में पहले से मौजूद विधायकों की स्थिति कमजोर हो सकती है. उनके ये बयान शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सदस्यों में से छह के बागी होने के बीच आए हैं. इनमें से दो ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्ताधारी शिवसेना में शामिल होने की पुष्टि भी कर दी है. देशमुख ने कहा कि विपक्ष के लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों के पाला बदलने से केंद्र सरकार मजबूत होगी. देशमुख ने कहा, 'मैं उनके इस कदम का स्वागत करता हूं, क्योंकि कई अहम बिल पास करने के लिए हमें एक मजबूत केंद्र की जरूरत है. लेकिन क्या हमें सच में महाराष्ट्र में विपक्ष के विधायकों की जरूरत है?'
महाराष्ट्र सरकार के पास पहले से ही दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत
आशीष देशमुख ने बताया कि महायुति, जिसमें बीजेपी, शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल हैं, के पास 288 सदस्यों वाली राज्य विधानसभा में पहले से ही 237 विधायक हैं. महाराष्ट्र सरकार के पास पहले से ही दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत है. उन्होंने कहा, 'भले ही विपक्ष के विधायक महायुति में शामिल होने के लिए उत्सुक हों, लेकिन हमें यह तय करना होगा कि क्या हमें सच में और विधायकों की जरूरत है, क्योंकि मौजूदा विधायक ही काफी और सक्षम हैं.'
ये भी पढ़ें :- उद्धव के 6 सांसद तोड़ने वाले एकनाथ शिंदे को झटका, MLC चुनाव में निर्दलीय से हार; 4 पर बीजेपी आगे
देशमुख ने कहा कि और विधायकों को शामिल करने से सत्ताधारी गठबंधन के मौजूदा विधायकों के साथ अन्याय हो सकता है. उन्होंने कहा, 'महायुति के सभी नेताओं से मेरी गुजारिश है कि वे विपक्ष के विधायकों को सत्ताधारी गठबंधन में शामिल करने की इस रणनीति पर फिर से सोचें.'
दरअसल, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने हाल ही में संकेत दिया था कि विपक्ष के और नेता उनकी पार्टी में शामिल हो सकते हैं. शुक्रवार को शिवसेना के स्थापना दिवस की रैली को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, 'यह तो बस ट्रेलर है, फिल्म अभी खत्म नहीं हुई है. शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सदस्यों में से दो ने पहले ही कह दिया है कि वे शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो रहे हैं. बाकी चार ने चुप्पी साधे रखी है.'
ये भी पढ़ें :- चार साल बाद फिर 21 जून को ही आई उद्धव ठाकरे पर आफत... 6 सांसद टूटे!
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं