MP News: अमूमन जब पुलिस किसी अपराधी को हथकड़ी लगाकर सड़क पर घुमाती है, तो उसके चेहरे पर खौफ और शर्मिंदगी नजर आती है. लेकिन मध्य प्रदेश के भिंड जिले में इसका एकदम उल्टा नजारा देखने को मिला. 17 मुकदमों के आरोपी और एक गरीब किसान की जमीन हड़पने वाले हिस्ट्रीशीटर महादेव सिंह का जब शुक्रवार को पुलिस ने जुलूस निकाला, तो उसकी बेशर्मी ने देखने वालों को हैरान कर दिया. पुलिस उसे गांव वालों के सामने बेनकाब कर उसकी दहशत खत्म करना चाहती थी, लेकिन पूरे रास्ते यह अपराधी बेखौफ होकर मुस्कुराता रहा. उसकी इसी निडर हंसी ने पुलिस के 'खौफ खत्म करने वाले' पूरे प्लान पर पानी फेर दिया.
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
इस पूरे मामले की शुरुआत इंदुर्खी गांव के रहने वाले एक किसान मुन्ना खान की शिकायत से हुई. मुन्ना ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए बताया कि बिरौना गांव की पूर्व सरपंच के पति महादेव सिंह ने एक बड़ी साजिश रचकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और धोखे से उसकी खेती की जमीन अपने और अपने परिवार वालों के नाम करवा ली. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने रौन थाना पुलिस को तुरंत जांच कर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए.

आरोपी महादेव सिंह का जुलूस निकालते समय ली गई तस्वीर.
Photo Credit: NDTV Reporter
केस दर्ज हुआ तो देने लगा धमकियां
पुलिस के मुताबिक, केस दर्ज होने के बाद महादेव सिंह शांत नहीं बैठा और वह पीड़ित किसान मुन्ना खान को लगातार धमकियां दे रहा था. जब यह बात रौन थाना प्रभारी राजवीर गुर्जर तक पहुंची, तो उन्होंने बिना देर किए अपनी टीम के साथ बिरौना गांव में दबिश दी और महादेव सिंह को धर दबोचा. लोगों के मन से इस अपराधी का खौफ निकालने के लिए ही पुलिस ने उसे उसी के गांव की सड़कों पर पैदल घुमाया था, लेकिन उसकी मुस्कुराहट ने जुलूस को ही चर्चा का विषय बना दिया.
17 मुकदमें, जहरीली शराब कांड का हिस्सा
पुलिस रिकॉर्ड के पन्ने पलटें तो पता चलता है कि महादेव सिंह अपराध की दुनिया का बहुत पुराना खिलाड़ी है. साल 2007 से लेकर अब तक इस हिस्ट्रीशीटर पर 17 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं. इनमें से 10 मामलों में वह बरी हो चुका है, 2 केस अभी कोर्ट में पेंडिंग हैं और एक मामला खारिज हो चुका है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि साल 2022 में भिंड में हुए उस चर्चित जहरीली शराब कांड में भी महादेव सिंह आरोपी था, जिसमें शराब पीने से 4 बेगुनाह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी.
पुलिस की रडार पर हैं बाकी मददगार
गिरफ्तारी और जुलूस के बाद पुलिस ने आरोपी महादेव सिंह को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. इस मामले में थाना प्रभारी राजवीर गुर्जर ने बताया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है. अब पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि फर्जी दस्तावेज बनाने और रजिस्ट्री पास करवाने में किन-किन लोगों ने महादेव का साथ दिया था. जल्द ही उन्हें भी पकड़कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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