सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली (OSM system) की खामियों को उजागर करने वाले झारखंड के सार्थक सिंद्धांत ने एक और खुलासा कर दिया है. उन्होंने अपने एक्स एकाउंट पर पोस्ट के जरिए बताया की पिछले दो हफ्तों की कड़ी मेहनत के बाद एक हाई-स्पीड स्क्रैपर (डेटा निकालने वाला टूल) बनाया है. इसके जरिए उन्होंने सरकार के आधिकारिक सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल (CPPP) से कुल मिलाकर करीब 1 करोड़ 66 लाख रिकॉर्ड्स को प्रोसेस और आर्काइव किया है. इसमें से 88 लाख से ज्यादा सबसे अहम रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित फाइलों के रूप में आम लोगों के लिए पूरी तरह फ्री और पब्लिक कर दिया है.
क्या है इस पब्लिक डेटाबेस में?
सार्थक सिद्धांत द्वारा जारी किए गए डेटाबेस को कोई भी व्यक्ति आसानी से 'SQLite 3' फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकता है. इस डेटा को दो भागों में बांटा गया है-
पहलाaoc_tenders.db फाइल में लगभग 49 लाख रिकॉर्ड्स हैं. इसके अंदर टेंडर जीतने वाली कंपनियों के नाम, कॉन्ट्रैक्ट की कुल रकम और तारीखों की पूरी जानकारी शामिल है.
दूसराtransparency needs to be accessible.
— Sarthak Sidhant (@sidhant_sarthak) June 26, 2026
from today it is.
within the past 2 weeks, around 1 crore 66 lakh records were scraped from the government's CPP Portal.
The Nation's procurement database is now publicly available to all.
link below https://t.co/KPv9UkL99X pic.twitter.com/Cjpan5Kmv4
वहीं, tenders_vps.db फाइल में करीब 39 लाख रिकॉर्ड्स शामिल हैं. इसमें सरकारी विभागों द्वारा जारी किए गए एक्टिव और आर्काइव्ड टेंडर नोटिस, बयाना राशि (EMD) और टेंडर फीस का पूरा विवरण शामिल है.
क्या होगा फायदा
सार्थक सिद्धांत का कहना है कि अब इस डेटा के सार्वजनिक हो जाने से देश का कोई भी आम नागरिक, खोजी पत्रकार या रिसर्चर घर बैठे यह देख पाएगा कि किस कंपनी को कितने करोड़ का ठेका दिया गया. इस प्रयास का मुख्य मकसद यही है कि सरकारी पैसे के इस्तेमाल पर आम जनता की सीधी नजर रहे और जवाबदेही तय की जा सके. यह कदम देश की डिजिटल पारदर्शिता में एक नई क्रांति ला सकता है.
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