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बार काउंसिल चेयरमैन ने NALSAR के छात्रों से मांगी माफी, चीफ जस्टिस ने भी लगाई थी फटकार

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने चिट्ठी लिकखर कानून के छात्रों से माफी मांगी है. मामला सीजेआई के कार्यक्रम से विरोध से जुड़ा है. जिसमें सीजेआई ने भी बार काउंसिल को फटकार लगाई थी.

बार काउंसिल चेयरमैन ने NALSAR के छात्रों से मांगी माफी, चीफ जस्टिस ने भी लगाई थी फटकार
नालसार के छात्रों से विवाद में अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन ने माफी मांगी है.
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  • बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कानूनी छात्रों से माफी मांगी है.
  • मनन मिश्रा ने स्पष्ट किया कि माफी मांगना अहंकार का मामला नहीं, बल्कि छात्रों की भावनाओं का सम्मान है.
  • विवाद की शुरुआत NALSAR के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत की उपस्थिति पर छात्रों के विरोध से हुई थी.
नई दिल्ली:

BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने चिट्ठी लिखकर कानून के छात्रों से माफी मांगी. उन्होंने चिट्ठी में लिखा- हालिया घटनाक्रम से छात्रों के बीच चिंता पैदा हुई है. यदि मौजूदा विवाद, उनके किसी शब्द या पत्र से कानून के छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह पूरी ईमानदारी से माफी मांगते हैं. उन्होंने चिट्ठी में लिखा- माफी मांगना प्रतिष्ठा या अहंकार का सवाल नहीं है, बल्कि यह स्वीकार करना है कि छात्रों की भावनाएं और उनकी चिंताएं महत्वपूर्ण हैं. 

मनन मिश्रा ने कहा- छात्रों की भावनाएं आहत हुई, मुझे इसका खेद

मनन मिश्रा ने कहा कि हालिया विवाद से यदि किसी छात्र की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है. उनका यह पत्र NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद और NLSIU, बेंगलुरु के छात्रों की ओर से BCI की कार्रवाई पर उठाई गई आपत्तियों के बीच आया है. 

CJI सूर्यकांत के कार्यक्रम के विरोध से शुरू हुआ विवाद

मालूम हो कि इस विवाद की शुरुआत NALSAR के 2026 दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की प्रस्तावित मौजूदगी को लेकर छात्रों के विरोध से हुई थी. इसके बाद BCI ने NALSAR के 2026 बैच के छात्रों के राज्य बार काउंसिलों में नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था.

बार काउंसिल ने पहले छात्रों का किया बैन, फिर वापस लिया आदेश

हालांकि, यह फैसला बाद में वापस ले लिया गया. मिश्रा ने अपने पत्र में किसी विश्वविद्यालय या विवाद का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया. उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम से छात्रों के बीच चिंता पैदा हुई है. उन्होंने लिखा कि यदि मौजूदा विवाद, उनके किसी शब्द या पत्र से कानून छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह “ सिनसियरली रिग्रेट एंड अपोलोजाइज ” करते हैं. 

सीजेआई ने कहा था- मामला मेरे और छात्रों के बीच का, आप बीच में क्यों आए

इस बीच NLSIU के 700 से अधिक छात्रों और पूर्व छात्रों ने BCI से NALSAR के छात्र और शिक्षक समुदाय से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट में भी BCI की कार्रवाई पर सवाल उठे थे. CJI सूर्यकांत ने बार काउंसिल को फटकार लगाते हुए कहा था कि यह मामला उनके और छात्रों के बीच है. वे (BCI) कौन होते हैं जो इस मुद्दे को उठा रहे हैं? यह पूरी तरह से गैर-जरूरी है. BCI का इसमें कोई लेना-देना नहीं है.

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