NALSAR Courses: हैदराबाद का नालसर (NALSAR University of Law) देश की टॉप यूनिवर्सिटी में से एक है. हाल ही में यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह (Convocation Ceremony) को लेकर कुछ छात्रों की असहमति और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के एक अस्थाई आदेश की वजह से यह संस्थान अचानक सुर्खियों में आ गया. इसमें कुछ छात्रों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत से डिग्री लेने से इनकार कर दिया था. हालांकि, यह मामला एक ही दिन में सुलझ भी गया, लेकिन इसके बाद से लोगों के बीच नालसर को लेकर दिलचस्पी काफी बढ़ गई है.
अक्सर लोग समझते हैं कि नालसर में सिर्फ वकालत (Law) की पढ़ाई होती है. हालांकि, यह यूनिवर्सिटी सिर्फ कानून तक सीमित नहीं है. यहां 12वीं के बाद मैनेजमेंट से लेकर रिसर्च तक के कई शानदार कोर्सेज कराए जाते हैं. आइए जानते हैं कि NALSAR में लॉ के अलावा कौन-कौन से बड़े कोर्स मौजूद हैं और उनमें एडमिशन कैसे मिलता है.
12वीं के बाद 5 साल का मैनेजमेंट कोर्स (Integrated Program in Management)
अगर आपका सपना बिजनेस और मैनेजमेंट की दुनिया में करियर बनाने का है, तो नालसर 12वीं पास छात्रों के लिए 5 साल का इंटीग्रेटेड प्रोग्राम (IPM) ऑफर करता है. यह BBA और MBA का एक कंबाइंड कोर्स है. जो छात्र 12वीं के तुरंत बाद मैनेजमेंट लीडरशिप, बिजनेस स्ट्रैटेजी और कॉरपोरेट वर्ल्ड में एंट्री करना चाहते हैं, एडमिशन ले सकते हैं. इसमें करीब 66 सीटें होती हैं और पूरे कोर्स की अनुमानित फीस करीब 17.5 लाख रुपए के आसपास रहती है.
दो साल का रेगुलर MBA (Master of Business Administration)
नालसर का MBA प्रोग्राम बाकी बिजनेस स्कूलों से काफी अलग और खास है. यहां मैनेजमेंट की पढ़ाई के साथ-साथ कॉरपोरेट लॉ, टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिटिक्स की भी गहरी समझ दी जाती है. यह 2 साल का फुल-टाइम पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम है. इस कोर्स में एडमिशन के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम 50% अंकों के साथ ग्रेजुएशन होना चाहिए. एडमिशन के लिए CAT, XAT, CMAT, GMAT, GRE या यूनिवर्सिटी के अपने एंट्रेंस टेस्ट (NMET) के स्कोर एक्सेप्ट किए जाते हैं. इस कोर्स में करीब 60 सीटें उपलब्ध हैं.
सोशल साइंस और मैनेजमेंट में Ph.D
हायर एजुकेशन और रिसर्च में दिलचस्पी रखने वालों के लिए नालसर बेहतरीन मौके देता है. यहां सिर्फ लॉ में ही नहीं, बल्कि गैर-कानूनी विषयों (Non-Law Disciplines) में भी पीएचडी कराई जाती है. मैनेजमेंट स्टडीज (Management) कोर्स में बिजनेस और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़े रिसर्च टॉपिक्स पर पढ़ाई होती है. सोशल साइंसेज और ह्यूमैनिटीज (Social Sciences & Humanities) में समाजशास्त्र, राजनीति, अर्थशास्त्र और अन्य सामाजिक विषयों पर मौलिक शोध (Research) के अवसर है. एडमिशन के लिए संबंधित विषय में कम से कम 55% अंकों के साथ मास्टर डिग्री चाहिए.
लॉ से जुड़े खास स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम (Specialized Law Courses)
LL.M in Insolvency & Bankruptcy Laws (IBL
यह दो साल का खास मास्टर प्रोग्राम है, जिसे 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स' (IICA) के साथ मिलकर चलाया जाता है. कंपनियों के दिवालियापन और बैंकिंग से जुड़े नियमों के जानकारों की आज देश में भारी कमी है, जिसे यह कोर्स पूरा करता है.
1 साल का रेगुलर LL.M
यह लॉ ग्रेजुएट्स के लिए एडवांस्ड रिसर्च और स्पेशलाइजेशन कोर्स है. जो एक साल का होता है.
ये भी पढ़ें - दिल्ली सल्तनत का पेपर DU के हिस्ट्री सिलेबस से बाहर, कई और सब्जेक्ट भी हटाए गए
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं