अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने SIT पर सवाल उठाए जाने पर कड़ी टिप्पणी की. एक वकील द्वारा ट्रस्ट और SIT की जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाने के बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SIT का गठन स्वयं सुप्रीम कोर्ट ने किया है और वह कोर्ट के प्रति जवाबदेह और उत्तरदायी है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा. SIT को अपनी जांच की स्टेटस की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करनी होगी. हमारा मुख्य कंसर्न जांच को तार्किक अंत तक पहुंचाना है. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के साथ-साथ अन्य वास्तविक और जनहित से जुड़े लोगों को भी यह सुझाव देने की अनुमति होगी कि किन पहलुओं की SIT द्वारा गहन जांच की जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी सुझाव सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय को दिए जाएं. इसके बाद उन्हें SIT के पास भेजा जाएगा ताकि टीम उन पर निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ तरीके से विचार कर सकें. SIT अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी. कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट को पहले वह खुद देखेगा और इसके बाद तय करेगा कि उसे सभी पक्षों के सामने जारी किया जाना चाहिए या नहीं.
वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आपराधिक मामलों की जांच का ब्यौरा सिर्फ अभियोजक, अदालत, पीड़ित और आरोपी के बीच साझा किया जाता है, अन्य किसी बाहरी के साथ नहीं. सीजेआई ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट सील कवर में दाखिल की गई है. चूंकि हमें बताया गया है कि अपराध की जांच अभी चल रही है इसलिए मामले को फिलहाल अगली तारीख के लिए लगाया जा रहा है.
निर्मोही अखाड़े की ओर से पेश सुशील जैन ने कहा- हमारी अर्जी लिस्ट नहीं हुई
दरअसल, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने SIT से जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी. कोर्ट में दाखिल चार याचिकाओं में CBI से स्वतंत्र जांच कराने, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का CAG / फोरेंसिक ऑडिट करने, ट्रस्ट के सभी वित्तीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने, जांच पूरी होने तक उस पर बड़े वित्तीय फैसलों लेने से रोक लगाए जाने की मांग की गई थी. SG तुषार मेहता ने इस पर कहा कि SIT को हेड करने वाले IG भी कोर्ट में हैं. निर्मोही अखाड़े की ओर से पेश सुशील जैन ने कहा कि हमारी अर्जी लिस्ट नहीं हुई है. SIT की स्टेटस रिपोर्ट पक्षकारों को भी दी जाए. इस पर सीजेआई ने कहा कि अगर SIT जांच रिपोर्ट देंगे तो मामले में पूर्वाग्रह होगा. अगर कोई SIT जांच के लिए कंस्ट्रक्टिव सुझाव देना चाहता है तो दो सकते हैं.
जांच की स्टेटस रिपोर्ट अजनबियों को नहीं दी जा सकती - तुषार मेहता
अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में निर्मोही अखाड़े ने अपनी याचिका सूचीबद्ध न होने की बात कोर्ट से कही. निर्मोही अखाड़े के वकील सुशील जैन ने कहा कि अखाड़ा ट्रस्टी भी है. अब तक हमारी याचिका सुनवाई के लिए नहीं आई. हम कोर्ट के निर्देश पर अमल के आदेश के लिए सुप्रीम कोर्ट आए हैं. सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हमारा आदेश इस पूरे प्रकरण ने व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सटीक बनाने के लिए है. SG तुषार मेहता ने कहा कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट अजनबियों को नहीं दी जा सकती. हमने SIT की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है.
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