- अयोध्या पुलिस की चार्जशीट में राम मंदिर परिसर से चढ़ावे की चोरी के मामले में कुल 133 गवाहों की गवाही शामिल है
- चोरी में सीधे शामिल आठ आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है और चोरी की रकम बरामद हुई है
- पुलिस ने चोरी के आरोपियों के पास से करोड़ों नकद और चल-अचल संपत्ति बरामद की है जिनमें कारें और मकान शामिल हैं
अयोध्या में राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के मामले में अयोध्या पुलिस की चार्जशीट की कॉपी सामने आई है. पुलिस ने 59 पेज में बताया है कि राम मंदिर परिसर में चंदा/चढ़ावा चोरी कैसे और किसने किसने की है. इस चार्जशीट के मुताबिक़ कुल 133 लोगों की गवाही के आधार पर चढ़ावे के पैसे/आभूषण की गिनती करने वाले आठ लोग सीधे-सीधे चोरी में शामिल थी. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने गिरफ्तारी के बाद अपना अपराध स्वीकार भी किया है. अयोध्या की श्री राम जन्मभूमि थाने में 25 जून 2026 को दर्ज कराई एफआईआर की जांच की चार्जशीट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा भी गवाह हैं.
इसके अलावा पूर्व विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव उर्फ गोपाल नागरकट्टे भी गवाह हैं. इनके अलावा राम मंदिर की व्यवस्था में लगे लोग, सुरक्षाकर्मी, बैंक के अधिकारी/कर्मचारी, सिक्योरिटी एजेंसी के पदाधिकारी और पुलिसकर्मियों ने जांच के दौरान पूरे मामले पर अपनी जानकारी के आधार पर गवाही दी है. पुलिस की चार्जशीट में बताया गया है कि चोरी की घटना में आरोपी अनुकल्प मिश्रा, करुणेश पांडे, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा और अविनाश शुक्ला चोरी किया करते थे. इनके अलावा रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव चोरी के षड्यंत्र में शामिल रहकर चोरी की रकम में हिस्सेदार थे.
चोरी में चढ़ावे के रुपए के अलावा आभूषण और अलग-अलग धातु शामिल थे. आरोपियों की निशानदेही पर कुछ कैश बरामद भी हुआ था. अयोध्या पुलिस ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि मंदिर में काम करने वाले कर्मचारी ने 4 जून को चंपत राय को एक वीडियो भेजकर चोरी की जानकारी दी. उस वक़्त चंपत राय ट्रेन से दिल्ली से अयोध्या वापस लौट रहे थे. लौटने के बाद उन्होंने ट्रस्ट के बाक़ी मौजूद सदस्यों के साथ बैठकर सीसीटीवी फुटेज देखी. सीसीटीवी में पकड़े जाने पर रुपए और गहने चंपत राय, गोपाल राव और अन्य सदस्यों को वापस किए गए. सीसीटीवी में चोरी पकड़े जाने पर चेकिंग शुरू की गई, इस वजह से आरोपियों ने चोरी किए गए रुपए बाथरूम में छिपा दिए.
किसके पास से मिली है कितनी रकम
चढ़ावा चोरी के आरोपियों के पास से चल/अचल संपत्ति की जानकारी पुलिस को जांच में हुई. इसमें अनुकल्प मिश्रा के पास से 16,82,040 रुपए, करुणेश पांडेय से 16,07,063, मनीष यादव से दो लाख, लवकुश से 14,25,000, रमाशंकर से 7,32,170, अविनाश शुक्ला से 20,39,220, 1121 डॉलर, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से एक लाख बरामद हुए. सुभाष श्रीवास्तव ने कहा कि उसके पास जो रुपए थे, वह खर्च हो गए. अविनाश शुक्ला के पास से चोरी के रुपयों से खरीदी गई ब्रेजा कार भी बरामद की गई. अनुकल्प के पास से डिज़ायर कार बरामद हुई, टिन्नू यादव के पास से अर्टिगा कार और बुलेट बाइक बरामद हुई.
कौन कितनी बार चोरी करता दिखा, अविनाश 85 बार नजर आया
चार्जशीट में आरोपी अविनाश शुक्ला ने 85 बार, करुणेश ने दो बार, मनीष यादव ने 16 बार, रामशंकर मिश्रा ने एक बार, लवकुश मिश्रा ने एक बार, अनुकल्प मिश्रा ने 56 बार रुपए चुराते/मदद करते दिखाई दिए. इसमें बताया गया है कि आरोपियों के वॉट्सऐप चैट में रुपयों के हेरफेर की बात सामने आई. अनुकल्प मिश्रा ने 55 लाख का मकान ख़रीदा, जिसमें 25 लाख रुपए विक्रेता को नकद दिए. अनुकल्प मिश्रा ने अपने निर्माणाधीन मकान में 43 लाख 43 हज़ार रुपए चढ़ावा चोरी कर ख़र्च किए.
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