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20 साल बाद सरहद पर पुराने साथी से मिले आर्मी चीफ, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की थी जवानों की मदद

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परवेज़ अहमद के इस योगदान के लिए उनको ‘वेटरन अचीवर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया. इस मौके पर उनके परिवार के सदस्य, पूर्व सैनिक और आसपास के लोग भी मौजूद रहे. 

20 साल बाद सरहद पर पुराने साथी से मिले आर्मी चीफ, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की थी जवानों की मदद
पुंछ में पुराने साथी से मिले आर्मी चीफ.
  • आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पुंछ जिले के अग्रिम इलाकों का दौरा किया और सीमा पर जवानों से मुलाकात की
  • जनरल द्विवेदी ने कामसर गांव में अपने पुराने साथी रिटायर्ड कैप्टन परवेज़ अहमद से मुलाकात की
  • परवेज़ अहमद ने 1991 से 2019 तक सेना में 25 वर्ष सेवा की और ऑपरेशन सिंदूर में स्थानीय जवानों की मदद की
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पुंछ:

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में अग्रिम इलाकों के दौरे पर थे. इस दौरान वह कामसर गांव भी पहुंचे. यहां उनकी मुलाकात अपने 20 साल पुराने साथी से हुई आर्मी चीफ ने 18 जम्मू-कश्मीर राइफल्स के सेवानिवृत्त सूबेदार (मानद कैप्टन) परवेज़ अहमद से मुलाकात की. यह मुलाकात इसलिए खास थी, क्योंकि दोनों पहले एक साथ सेना में सेवा कर चुके हैं. साल 2002 से 2005 के बीच जनरल द्विवेदी बटालियन के कमांडिंग अफसर थे, तब सूबेदार परवेज़ अहमद उसी यूनिट में थे.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की जवानों की मदद

सूबेदार परवेज़ अहमद मार्च 1991 में सेना में भर्ती हुए थे और मार्च 2019 में 25 साल की सेवा के बाद वह रिटायर हुए. सेवा के दौरान उन्होंने अलग-अलग इलाकों में काम किया और कई बार प्रशिक्षण संस्थानों में जवानों को ट्रेनिंग भी दी. सेना से रिटायर होने के बाद भी सूबेदार परवेज़ अहमद समाज से जुड़े रहे. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्थानीय स्तर पर जवानों की मदद की. उन तक जरूरी सामान पहुंचाने और स्थानीय जानकारी शेयर करने में सहयोग किया,वो भी कठिन हालात में.

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आर्मी चीफ ने पुराने साथी को दिया अवॉर्ड

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परवेज़ अहमद के इस योगदान के लिए उनको ‘वेटरन अचीवर अवॉर्ड' से सम्मानित किया. इस मौके पर उनके परिवार के सदस्य, पूर्व सैनिक और आसपास के लोग भी मौजूद रहे. इलाके के अन्य पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, सेना प्रमुख से मिले. पूंछ जैसे सीमावर्ती इलाकों में, जहां सेना और आम लोगों का रिश्ता बहुत करीब का होता है, यह दौरा बताता है कि सेवा खत्म होने के बाद भी सैनिकों और सेना का जुड़ाव बना रहता है.

बता दें कि पूंछ जिले में आज आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अग्रिम इलाकों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात की और उनकी तैयारियों की जानकारी भी ली. उन्होंने जवानों के अच्छे मनोबल और सतर्कता की सराहना की.
 

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