अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की वजह से दुनिया में गहराए तेल और गैस संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर है. होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते एलपीजी से भरा एक और टैंकर भारत आया है. इसका नाम अपोलो ओशन है. ये टैंकर न्यू मेंगलोर पोर्ट पहुंच गया है.
बताया जा रहा है कि अपोलो ओशन नाम के इस टैंकर में 17,600 मीट्रिक टन एलपीजी भरी है. इसकी सप्लाई इंडियन ऑयल कॉरपोरशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड को की जाएगी.
होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते एलपीजी से भरा एक और टैंकर भारत आया है. इसका नाम अपोलो ओशन है. ये टैंकर अब न्यू मेंगलोर पोर्ट पहुंच गया है.#LPG | #stateofhormuz pic.twitter.com/CnMoRinKhk
— NDTV India (@ndtvindia) March 26, 2026
इसके अलावा कई और एलपीजी से भरे टैंकर भारत पहुंचने वाले हैं. इनमें जग वसंत नाम का टैंकर आज रात तक आ सकता है. ये गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पर आएगा. ये टैंकर 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते एक और एलपीजी से भरा टैंकर भारत आ रहा है. पाइन गैस टैंकर के शुक्रवार की सुबह न्यू मंगलौर पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है. इसमें 45 हजार मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है.
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भारत अपनी जरूरत का करीब 60% एलपीजी दुनिया भर के बाजारों से आयात करता है, और इसका 90 फ़ीसदी हिस्सा Strait of Hormuz से होकर भारत पहुंचता था.
सरकार ने दोहराया है कि देश में एलपीजी कोई कमी नहीं है. घरेलू उत्पादन 40 प्रतिशत बढ़ाकर रोजाना 50 टीएमटी कर दिया गया है जबकि कुल जरूरत लगभग 80 टीएमटी है. यानी अब आयात की जरूरत कम होकर सिर्फ 30 टीएमटी रह गई है.
इसके अलावा अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से 800 टीएमटी एलपीजी पहले ही भारत के लिए भेजी जा चुकी है, जो देश के 22 टर्मिनलों पर पहुंचेंगे. सरकार का कहना है कि कम से कम एक महीने की एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सुनिश्चित है और आगे भी लगातार व्यवस्था की जा रही है.
सरकार के मुताबिक, तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख से ज्यादा सिलेंडरों की डिलीवरी कर रही हैं. गैस की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई 50 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है.
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