- दिल्ली की तिहाड़ जेल से अमेरिकी भाड़े के सैनिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को रिहा किया गया
- एनआईए ने मार्च 2026 में सात विदेशी नागरिकों को म्यांमार में आतंकी ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किया था
- 6 यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट जमानत मिली थी, उनको भी रिहा किया जा सकता है
दिल्ली की तिहाड़ जेल से अमेरिकी भाड़े के सैनिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को 24 सिंतबर को रिहा कर दिया गया. उसके साथ ही एक यूक्रेनी नागरिक की भी रिहाई हुई है. बता दें कि NIA ने इस साल की शुरुआत में सात विदेशियों को अरेस्ट किया था, जिनमें ये दोनों भी शामिल थे. इनको कुछ शर्तों और औपचारिकताओं के साथ एक महीने के लिए उनके परिवारों से मिलने के लिए अपने देश लौटने की इजाजत दी गई है.
अमेरिकी भाड़े का सैनिक जेल से रिहा
इससे पहले अदालत ने जिन पांच अन्य यूक्रेनी नागरिकों को यूक्रेन और अमेरिका जाने की इजाजत दी थी, उनको भी डिफॉल्ट जमानत मिल गई है. अब इन सभी के तिहाड़ जेल से रिहा होने की उम्मीद है. बता दें कि इन सभी की जांच एंटी-टेरर एजेंसी कर रही है. इन सभी को म्यांमार में आतंकी ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. बुधवार को दिल्ली की एक स्पेशल NIA कोर्ट ने इनमें से छह यूक्रेनी नागरिकों को निजी बॉन्ड और 1-1 लाख रुपये के कैश डिपॉजिट पर जमानत दे दी.
मैथ्यू आरोन वैनडाइक को NIA ने किया था गिरफ्तार
छह यूक्रेनी नागरिकों की पहचान पेट्रो हुरबा, तारास स्लिवियाक, इवान सुकमानोवस्की, मारियन स्टेफांकिव, मक्सिम होंचरुक और विक्टर कामिंस्की के रूप में हुई है. इन्हें अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक के साथ मार्च 2026 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था.
छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल
राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल देते हुए प्रत्येक को एक लाख रुपए का कैश बॉन्ड भरने का निर्देश दिया था. विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा ने यह आदेश पारित किया था.कोर्ट ने छह यूक्रेनी नागरिकों को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट से जुड़े अपराधों से भी मुक्त कर दिया था. फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) के समक्ष इन अपराधों के कंपाउंड होने के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी. एफआरआरओ ने प्रत्येक आरोपी पर 5.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था.
कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक की जमानत की शर्तों में भी बदलाव किया था. वैनडाइक को एक लाख रुपए का श्योरिटी बॉन्ड जमा करने से छूट देते हुए एक लाख रुपए का कैश बॉन्ड भरने पर रिहा करने का आदेश दिया गया था.
एनआईए कोर्ट ने वैनडाइक को दी थी डिफॉल्ट बेल
इससे पहले 18 सितंबर को विशेष एनआईए कोर्ट ने वैनडाइक को डिफॉल्ट बेल दी थी. उस समय कोर्ट ने एक लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत की शर्त रखी थी. कोर्ट ने उसे दिल्ली में रहने और जांच अधिकारी के बुलाने पर जांच के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश भी दिया था. वैनडाइक ने जांच पूरी करने और निर्धारित समय में चार्जशीट दाखिल करने में देरी के आधार पर डिफॉल्ट बेल मांगी थी.कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इसी मामले में गिरफ्तार छह यूक्रेनी नागरिक उचित जमानत आवेदन दाखिल करने पर इसी आधार पर डिफॉल्ट बेल पाने के हकदार होंगे.
टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था अमेरिकी भाड़े का सैनिक
एनआईए ने सातों विदेशी नागरिकों को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि ये लोग म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार और ड्रोन ऑपरेशन से संबंधित ट्रेनिंग देने से जुड़े थे.एजेंसी के मुताबिक, आरोपी भारत में टूरिस्ट वीजा पर आए थे और पूर्वोत्तर की ओर गए थे. उन पर मिजोरम से अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश करने का भी आरोप लगाया गया था. एनआईए ने यह भी आरोप लगाया था कि म्यांमार में हथियारों और ड्रोन युद्ध से जुड़ी ट्रेनिंग दी गई और इसके लिए यूरोप से ड्रोन लाए गए थे.
मामले की शुरुआत में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए थे. हालांकि, एनआईए की ओर से बाद में दाखिल चार्जशीट में यूएपीए की धाराएं नहीं लगाई गईं और आरोपियों के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट से संबंधित धाराएं लगाई गईं. एजेंसी का कहना है कि कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े पहलू की जांच अभी जारी है और आगे सबूत मिलने पर पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है.
इनपुट- भाषा के साथ
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