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2 महीनों की अमरनाथ यात्रा में 3 लेयर का सुरक्षा घेरा, बाबा बर्फानी दर्शन के लिए 4 लाख भक्तों का रजिस्ट्रेशन, AI रखेगा नजर

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पवित्र गुफा में प्रथम पूजा संपन्न कर दी है. वहीं भक्तों का पहला जत्था जम्मू के बेस कैंप तक पहुंच चुका है.

2 महीनों की अमरनाथ यात्रा में 3 लेयर का सुरक्षा घेरा, बाबा बर्फानी दर्शन के लिए 4 लाख भक्तों का रजिस्ट्रेशन, AI रखेगा नजर
3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा
  • अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से हो रही है. अब तक 4 लाख से ज्यादा भक्तों ने यात्रा में रजिस्ट्रेशन कराया है.
  • जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पवित्र गुफा में प्रथम पूजा कर यात्रा की औपचारिक शुरुआत कर दी है.
  • अमरनाथ यात्रा के दौरान इस बार ड्रोन से निगरानी की जाएगी. चप्पे-चप्पे पर सेना और पुलिस की तैनाती रहेगी.

बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए दर्शनों का इंतजार खत्म हो रहा है. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 29 जून को पवित्र गुफा में प्रथम पूजा करके यात्रा की औपचारिक शुरुआत कर दी है. भक्तों के लिए 3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है, जो 28 अगस्त तक चलेगी. इस बार की यात्रा 57 दिन तक होगी. जम्मू के बेस कैंपों में भक्तों का पहला जत्था भी पहु्ंच चुका है. इस बार अमरनाथ यात्रा में भक्तों को कुछ खास सुविधाएं मिलने वाली हैं.  जबकि प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा में भी कई अहम बदलाव किए हैं. इस बार पूरी यात्रा की निगरानी ड्रोन से की जाएगी. जबकि सुरक्षा में AI का भी इस्तेमाल किया जाएगा. अब तक 4 लाख से ज्यादा भक्तों ने यात्रा के लिए पंजीकरण करा लिया है. 

अमरनाथ यात्रा की ड्रोन से होगी निगरानी

अमरनाथ यात्रा की इस बार पूरे समय ड्रोन से निगरानी होगी. साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी सुरक्षा में इस्तेमाल किया जा रहा है. यात्रा के पूरे रूट पर 34 फेशियल रिकॉग्निशन  कैमरे लगाए गए हैं. नेशनल हाईवे और बेस कैंपों में भी चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती रहेगी. भक्तों को त्रिस्तरीय सुरक्षा में रखा जाएगा. जवानों, स्निफर डॉग्स और बम निरोधक दस्तों को तैनात रखा जाएगा. सेना-जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की तरफ से इस बार अमरनाथ यात्रा के दौरान 'रोड ओपनिंग पार्टी' मिशन चलाया जाएगा. जिससे लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. डीआईजी और आईजी रैंक के सीनियर अधिकारी भी ग्राउंड पर मौजूद रहेंगे. 

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अमरनाथ यात्रा से जुड़े जरूरी अपडेट 

जम्मू में नया सेंटर: इस बार जम्मू के तवी रिवरफ्रंट पर एक नया इंटीग्रेटेड फैसिलिटेशन सेंटर भी बनाया गया है. 2 जुलाई को जम्मू बेस कैंप पर भक्तों का पहला जत्था पहुंचेगा. जहां सभी का इसी सेंटर पर मेडिकल चेकअप, दस्तावेजों की जांच, ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन करवाया जाएगा. यहां 4000 भक्तों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. 

10 लाख का बीमा कवर: अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीयन कराने वाले सभी भक्तों को इस बार 10 लाख रुपए का बीमा कवर दिया जा रहा है. पंजीकृत तीर्थयात्रियों को श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की तरफ से यह दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा. 

रेफिड कार्ड जरूरी: रेफिड कार्ड अमरनाथ यात्रा के दौरान जरुरी रहेगा. क्योंकि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के यह कार्ड दिया जाता है. ऐसे में इसे यात्रा के दौरान रखना जरूरी रहेगा. क्योंकि रेफिड कार्ड से ही बालटाल और चंदनवाड़ी (पहलगाम) के गेट्स से एंट्री मिलेगी. इसलिए यह कार्ड रखना जरूरी है.

मेडिकल सर्टिफिकेट: यात्रा के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट भी साथ रखना होगा. वहीं यात्रा के दौरान बेस कैंपों पर भी हेल्थ चेकअप की सुविधा रहेगी. जहां डॉक्टरों की टीम भक्तों को किसी भी तरह की समस्या होने पर उनका इलाज करेगी. यात्रा के लिए केवल 13 साल से 70 साल तक लोग ही जा सकेंगे. 

घोड़े-पालकी के रेट तय: इस बार अमरनाथ यात्रा में घोडे़, पालकी, पिट्ठू और पोर्टर के रेट भी सरकार ने पहले ही तय कर दिए हैं. ताकि भक्तों को किसी भी तरह के ओवरचार्जिंग से बचाया जा सकेगा. इन सभी के लिए प्री-पेड काउंटर काउंटर बने हैं. जहां से भक्त पहले ही प्री बुकिंग करा सकेंगे.

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4 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन

अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से अब तक 4 लाख से ज्यादा भक्तों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है. जहां 2 जुलाई को भक्तों का पहला जत्था जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप पहुंचेगा और 3 जुलाई से आधिकारिक यात्रा शुरू होगी. वहीं यात्रा से पहले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेना के जवानों की तरफ से ट्रायल काफिले का ड्राई रन भी पूरा हो चुका है. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी यात्रा की व्यवस्थाओं की जानकारी ली है. जबकि बालटाल और चंदनवाड़ी में बेस अस्पताल भी शुरू हो गए हैं. यात्रा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. 

48 किलोमीटर लंबा है रूट 

अमरनाथ यात्रा का रूट 48 किलोमीटर लंबा है. जिसमें 2 रूट शामिल है. पहले रूट पहलगाम का है जो यात्रा का पारंपरिक रूट माना जाता है. यह 41 किलोमीटर लंबा होता है. यहां से पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए 3 से 4 दिन का समय लगता है. क्योंकि यहां चढ़ाई-चढ़ाई धीरे-धीरे होती है. यहां मार्ग में शेषनाग और पंचतरणी तीर्थ भी मिलते हैं. 

जबकि दूसरा रूट बालटाल रूट है. यह 7 किलोमीटर लंबा होता है. यह अपेक्षाकृत छोटा रास्ता है. इससे कम समय में यात्रा पूरी होती है. यहां चढ़ाई काफी सीधी और कठिन होती है. जो ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है. ऐसे में यहां विशेष सावधानी रखनी पड़ती है.

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