Jammu Kashmir Security: पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा रणनीति को और ज्यादा मजबूत कर दिया गया है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने घाटी में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए 10 नए टेम्परेरी ऑपरेटिंग बेस (TOBs) स्थापित किए हैं. इसके साथ ही घाटी में ऐसे ऑपरेटिंग बेस की कुल संख्या 45 से बढ़कर 55 हो गई है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कदम से आतंकियों की गतिविधियों पर पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी तरीके से नजर रखी जा सकेगी और ऊंचाई वाले इलाकों में उनकी आवाजाही पर लगाम लगेगी.
क्यों खास हैं ये बेस?
सूत्रों के मुताबिक, ये नए ऑपरेटिंग बेस 8,000 से 10,000 फीट की ऊंचाई वाले दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बनाए गए हैं. इन जगहों को इसलिए चुना गया है क्योंकि विदेशी आतंकी अक्सर इन्हीं इलाकों में छिपकर अपने ठिकाने बनाते हैं और सुरक्षा बलों की नजर से बचने की कोशिश करते हैं. अब इन फॉरवर्ड बेस की मदद से सुरक्षाबलों की चौबीसों घंटे मौजूदगी रहेगी, जिससे घुसपैठ के रास्तों पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी और आतंकियों के खिलाफ तुरंत ऑपरेशन चलाना आसान होगा.

CRPF New Bases: घाटी की सुरक्षा सख्त
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पहलगाम हमले के बाद घाटी में सुरक्षा सख्त
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पूरे सुरक्षा ढांचे की समीक्षा की गई थी. उसी के आधार पर यह नई रणनीति तैयार की गई है. इसका मकसद सिर्फ आतंकियों की घुसपैठ रोकना नहीं, बल्कि ऊंचाई वाले उन इलाकों में भी लगातार दबाव बनाए रखना है, जहां पहले मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से लंबे समय तक सुरक्षा बलों की तैनाती चुनौतीपूर्ण होती थी. अब इन नए बेस के जरिए आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने और उनके मूवमेंट पर नजर रखने में काफी मदद मिलेगी.

Amarnath Yatra Security CRPF: अमरनाथ यात्रा पर पुख्ता पहरा
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अमरनाथ यात्रा पर भी पैनी नजर
इधर श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर भी अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. सीआरपीएफ ने यात्रा मार्ग और उससे जुड़े संवेदनशील इलाकों में अपनी 232 कंपनियां तैनात की हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार ने सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के महानिदेशकों को रोटेशन के आधार पर जम्मू-कश्मीर में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लिए जा सकें.
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार अब अमरनाथ यात्रा की पंजीकरण प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है. प्रस्ताव है कि अगले चरण से ऑन-द-स्पॉट यानी तत्काल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था खत्म कर दी जाए और पूरी तरह फिक्स्ड रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू किया जाए. इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा और सुरक्षा एजेंसियों को पहले से पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी.
नई रणनीति से आतंकियों की घेराबंदी
कुल मिलाकर, पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ दोहरी रणनीति अपनाई है. एक तरफ आतंकियों के खिलाफ ऊंचाई वाले इलाकों में स्थायी सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा रहा है, तो दूसरी ओर श्री अमरनाथ यात्रा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन की सुरक्षा को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाया जा रहा है. आने वाले दिनों में घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियान और अधिक आक्रामक होने की संभावना है.
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