जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश का असर अमरनाथ यात्रा पर पड़ रहा है. खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन भी स्थगित रखी. यात्रा भले ही रुकी हुई हो, लेकिन बाबा बर्फानी के दर्शन की आस लिए हजारों श्रद्धालु धैर्य के साथ इंतजार कर रहे हैं.
पंजीकरण शुरू होने का इंतजार
यात्रा के लिए पहुंचे कई श्रद्धालु पिछले दो दिनों से पंजीकरण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. एक श्रद्धालु ने बताया कि अभी तक उनका पंजीकरण नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा, 'हम पिछले दो दिनों से यहां रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि मौसम खराब है और जैसे ही मौसम ठीक होगा, पंजीकरण शुरू कर दिया जाएगा.'
खराब मौसम के कारण प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा पर अस्थायी रोक लगाई है. इस फैसले का अधिकांश श्रद्धालुओं ने समर्थन किया है. उनका कहना है कि पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए प्रशासन का यह निर्णय उचित है.
एक श्रद्धालु ने कहा, 'प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा रोकी है. यहां मौसम बहुत खराब है और आगे लैंडस्लाइड हो सकता है, जिससे यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है. इसलिए इस फैसले का पालन करना सभी के लिए जरूरी है.'
श्रद्धालु ने कहा, 'घर से निकलने से पहले मौसम की स्थिति जरूर जांचें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. अगर बाबा की इच्छा होगी तो हम जरूर दर्शन करेंगे. चाहे इसके लिए पांच या दस दिन भी इंतजार करना पड़े, हम रुकने के लिए तैयार हैं.'
प्रशासम के फैसले पर श्रद्धालुओं का समर्थन
एक अन्य श्रद्धालु ने भी प्रशासन के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि वे काफी उत्साह के साथ अमरनाथ यात्रा पर आए थे और दर्शन की पूरी तैयारी थी, लेकिन सुरक्षा सबसे पहले है. उन्होंने कहा, "सरकार ने शायद हमारी सुरक्षा को देखते हुए यात्रा रोकी है. अगर इससे कोई बड़ा हादसा टलता है तो यह सही फैसला है."
श्रद्धालु ने उम्मीद जताई कि मौसम जल्द साफ होगा और बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि बाबा ऐसा चमत्कार करें कि बारिश रुक जाए और धूप निकल आए, ताकि यात्रा फिर से शुरू हो सके.'
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने श्रद्धालुओं के ठहरने और अन्य सुविधाओं का अच्छा इंतजाम किया है. हालांकि उन्होंने लोगों को सलाह दी कि यात्रा पर आने से पहले मौसम की स्थिति और प्रशासन की गाइडलाइन जरूर देख लें. उनका कहना है कि अगर पहले से पता हो कि यात्रा रुकी हुई है तो घर पर इंतजार करना ज्यादा बेहतर रहेगा, क्योंकि अधिक भीड़ होने पर व्यवस्थाओं पर भी दबाव बढ़ सकता है.
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