- हाईकोर्ट ने अखिलेश यादव के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगाई
- अखिलेश पर आचार संहिता और कोविड नियमों के उल्लंघन का आरोप
- इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 21 जनवरी 2024 तय की गई
इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) ने पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के खिलाफ गौतम बुद्ध नगर की अदालत में आपराधिक मुकदमे की सुनवाई पर मंगलवार को रोक लगा दी. अखिलेश यादव पर आरोप है कि उन्होंने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता और कोविड नियमों का उल्लंघन किया. इनके खिलाफ ग्रेटर नोएडा के दादरी थाने में मामला दर्ज किया गया था. अखिलेश यादव द्वारा दाखिल किये गये आवेदन पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने राज्य सरकार के वकील को जवाब दाखिल करने को कहा और सुनवाई की अगली तारीख 21 जनवरी, 2024 तय की.
मौजूदा याचिका में विधानसभा चुनाव के दौरान चार फरवरी, 2022 को दादरी थाने में अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख जयंत चौधरी एवं अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी और 12 अक्टूबर, 2022 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था.
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हालांकि, मौजूदा याचिका में केवल अखिलेश यादव ने ही आरोप पत्र और अपने खिलाफ संपूर्ण आपराधिक मुकदमे को चुनौती दी है.
अखिलेश यादव के वकील इमरान उल्लाह ने दलील दी कि दिशानिर्देशों के उल्लंघन से जुड़े इस तरह के मामलों में शिकायत केवल उसी व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई जा सकती है जिसके आदेश का उल्लंघन किया गया है. उनका कहना था कि इस मामले में ऐसे नहीं किया गया और सीधे पुलिस अधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई.
इमरान ने यह भी कहा कि दूसरी बात, अखिलेश यादव कोरोना से संक्रमित नहीं थे तो वह कैसे संक्रमण फैला सकते हैं जैसा कि प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है. उन्होंने कहा कि साथ ही इस मामले में सभी गवाह पुलिसकर्मी हैं जिनके बयान एक जैसे हैं, इसलिए इनपर भरोसा नहीं किया जा सकता.
संबद्ध पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने गौतम बुद्ध नगर की एमपी एमएलए अदालत में याचिकाकर्ता के खिलाफ मुकदमे पर रोक लगा दी.
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