समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव आज अपने 'समाजवादी रथ' पर सवार होकर रायबरेली पहुंचेंगे. उनके पहुंचने से पहले वहां पोस्टर वार शुरू हो गया है. कुछ पोस्टर में उनके समर्थक उन्हें भगवान की तरह पेश कर रहे हैं. वहीं उनके विरोध में लगाए गए पोस्टरों में सपा नेता आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी तक का जिक्र है. ऐसे ही एक पोस्टर में कहा गया है आजम, अतीक और मुख्तार ही सपा की सरकार चलाते थे. अखिलेश यादव आज अपने एक दिन के दौरे पर रायबरेली पहुंचेंगे.अखिलेश अपने समाजवादी रथ की शुरुआत कांग्रेस के गढ़ से कर रहे हैं. इसे दवाब बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
सुदामा की धरती पर अखिलेश यादव
अखिलेश की यात्रा से पहले उनके समर्थक एडवोकेट पंडित विश्वास दुबे की ओर से लगाए गए पोस्टर में लिखा है, ''मेरे माधव आपका सुदामा की धरती रायबरेली में स्वागत है! पीडीए महानायक.''

अखिलेश यादव के एक समर्थक की ओर से लगाए गए इस पोस्टर में उन्हें श्रीकृष्ण के रूप में दिखाया गया है.
सपा के यूथ ब्रिगेड के महासचिव अखिलेश माही एडवोकेट ने भी अखिलेश यादव के समर्थन में पोस्टर लगाए हैं. इस पोस्टर में अखिलेश को भगवान राम की वेशभूषा में दिखाया गया है. पोस्टर पर लिखा है, ''प्रभु श्रीराम ने अखिलेश जी को अपना दूत बना कर चंदा चोरी से पर्दा उठवाया. प्रभु श्रीराम ने ही अयोध्या में समाजवादी नेता अवधेश प्रसाद को चुनाव जितवाया. श्रीराम ने जिसको चुना है, अपने मंदिर की सुरक्षा के लिए प्रदेश की जनता भी उसको चुनेगी अपने भविष्य की रक्षा के लिए. विष्णु के अवतार हैं, कलयुग के भगवान हैं. अखिलेश यादव पीड़ितो, शोषितो और वंचितों के तारणहार हैं.''

एक सपा समर्थक की ओर से लगाए गए इस पोस्टर में अखिलेश यादव भगवान श्रीराम के रूप में नजर आ रहे हैं.
वहीं अखिलेश यादव की इस यात्रा के विरोध में उनके विरोधियों ने भी पोस्टर लगवाए हैं. किसी अनाम व्यक्ति की ओर से लगवाए गए एक पोस्टर में लिखा है, ''आजम, अतीक और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार.'' इसमें आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की फोटो भी लगाई गई है. इसके अलावा नारा दिया गया है, 'अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश'

विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. गुरुवार को वो अपने समाजवादी रथ से रायबरेली में सपा कार्यकर्ताओं से मिलेंगे. उनकी इस यात्रा को सपा संगठन को सक्रिय करने और जमीनी स्तर पर संपर्क बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.वो कार से लखनऊ से रायबरेली के बछरावां थाना क्षेत्र के चुरुआ गांव पहुंचेंगे. वहां से वो 'समाजवादी रथ' पर सवार होकर रायबरेली सदर विधानसभा क्षेत्र के चक अहमदपुर नजूल जाएंगे. अखिलेश वहां विधायक राहुल लोहिया के घर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे.
रायबरेली क्या करने जा रहे हैं अखिलेश यादव
लोकसभा में रायबरेली कांग्रेस का गढ़ है तो विधानसभा में सपा का. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने रायबरेली सदर सीट को छोड़कर बाकी की चार सीटों पर जीत दर्ज की थी.सपा ने यह प्रदर्शन तब किया था, जब कांग्रेस से उसका गठबंधन नहीं था. बाद में ऊंचाहार सीट से सपा विधायक मनोज पांडेय ने पार्टी को दगा देकर बीजेपी का हाथ पकड़ लिया. वो इन दिनों प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में मंत्री हैं. इस बार जिले की अन्य सीटों के साथ-साथ ऊंचाहार पर विशेष जोर है. सपा मनोज पांडेय को सबक सिखाने के मूड में है.
संभावना है कि 2027 का विधानसभा चुनाव सपा कांग्रेस के साथ गठबंधन में लड़ेगी. ऐसे में रायबरेली में अपना जनाधार बढ़ाना सपा की दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है. समाजवादी रथयात्रा के जरिए सपा यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि जिले में उसका जनाधार पहले की ही तरह मजबूत है.
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