यह ख़बर 14 जुलाई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

गुवाहाटी कांड में पत्रकार पर लगा उकसाने का आरोप

खास बातें

  • आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने आरोप लगाया कि गुवाहाटी में सोमवार की रात को एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की घटना की वीडियो फिल्म बनाने वाले पत्रकार ने ही इस मामले को उकसाया था।
गुवाहाटी:

आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने आरोप लगाया कि गुवाहाटी में सोमवार की रात को एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की घटना की वीडियो फिल्म बनाने वाले पत्रकार ने ही इस मामले को उकसाया था।

पत्रकार संगठनों ने घटना में कथित तौर पर पत्रकार के शामिल होने की निंदा की है वहीं चैनल ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया है।

गुवाहाटी प्रेस क्लब में वीडियो दिखाया गया और उसके बाद गोगोई ने आरोप लगाया कि फिल्म बना रहे चैनल के पत्रकार के पास बाद में उसका एक सहयोगी आया जिससे वीडियो बनाने वाले पहले पत्रकार को यह कहते सुना गया कि उसने घटना को अंजाम दिलाया।

गोगोई का आरोप है कि पत्रकार के सहयोगी ने जब कहा कि लड़की के साथ छेड़छाड़ हुई तो इस पर फिल्म बनाने वाले पत्रकार ने कहा कि उसने ही उन लोगों से ऐसा करने के लिए कहा।

आरटीआई कार्यकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने घटना की पूरी फुटेज हासिल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाचार चैनल ने प्रसारण में इस हिस्से को काट दिया है।

वहीं चैनल के प्रबंध संपादक सैयद जरीर हुसैन ने कहा कि गोगोई के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा, ‘चैनल का एक पत्रकार मौके पर था जहां घटना घटी और उसने रिकार्डिंग शुरू कर दी और दफ्तर में कैमरा टीम भेजने के लिए फोन किया।’

हुसैन ने कहा, ‘गोगोई ने हमारे चैनल से वीडियो प्राप्त किया और हमने कभी नहीं कहा कि हमारे पत्रकार मौके पर मौजूद नहीं थे।’ उन्होंने कहा, ‘वीडियो फुटेज से स्पष्ट है कि चैनल के दोनों पत्रकारों ने न केवल लड़की को बचाने का प्रयास किया बल्कि पुलिस को भी मदद के लिए बुलाया।’

हुसैन ने कहा, ‘कितने दुख की बात है कि दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करने के बजाय गोगोई इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।’

चैनल ने यह साबित करने के लिए एक नया वीडियो प्रसारित किया कि उसके पत्रकार और कैमरामैन ने लड़की को बचाने की कोशिश की थी और भीड़ से दूर रहने को कहा था।

फुटेज में दोनों को भीड़ से रुकने के लिए और लड़की से अकेले नहीं जाने के लिए कहते सुना जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘पुलिस जल्दी आएगी। साथ में जाना।’ चैनल के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘जिस बार के सामने घटना घटी, वह हमारे दफ्तर के बहुत नजदीक है। हमें घटना का पता चला और तत्काल एक कैमरा टीम वहां भेजी गई और पुलिस को सूचित किया गया।’ उन्होंने कहा, ‘तत्काल फुटेज को प्रसारित नहीं किया गया। अगले दिन हमने पूरे समय इस बात पर विचार-विमर्श किया कि वीडियो फुटेज को प्रसारित किया जाए या नहीं। लेकिन बाद में वीडियो दिखाने का फैसला किया गया ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके।’

इस बीच, अखिल गोगोई ने कहा, ‘हमने पूरी फुटेज के साथ सीडी डीजीपी जयंत नारायण चौधरी को जमा की है और उनसे कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि पुलिस मामले को देखेगी।’ डीजीपी ने सीडी मिलने की पुष्टि की है।

भारतीय पत्रकार संघ के राष्ट्रीय सचिव गीतार्थ पाठक ने एक बयान में कहा, ‘पत्रकार सिविल सोसायटी के सदस्य हैं और शालीनता बरतना उनकी जिम्मेदारी है। टीआरपी बढ़ाने या प्रसार के आंकड़े ज्यादा करने से अहम मानव जीवन है।’ पाठक ने कहा, ‘सार्वजनिक तौर पर किसी महिला के साथ छेड़छाड़ जैसे अपराध को उकसाना और उसमें शामिल होना एक अपराध है और यदि मीडियाकर्मी इसमें शामिल हैं तो उन्हें अन्य लोगों से ज्यादा कड़ी सजा दी जानी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि पत्रकारों को भारतीय प्रेस परिषद तथा अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संघ द्वारा तय नियमों का पालन करना चाहिए।

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उधर, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया फोरम एसोसिएशन के अध्यक्ष नव ठाकुरिया ने भी दावा किया कि मीडिया में जारी किया गया वीडियो पूरा नहीं था बल्कि कांटा-छांटा हुआ था। उन्होंने कहा, ‘इसमें छेड़छाड़ की संभावना हो सकती है इसलिए हम मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने का अनुरोध करते हैं।’