- बारामती प्लेन क्रैश की जांच में फ्लाइट डेटा रेकॉर्डर का विश्लेषण जारी है
- दुर्घटना स्थल से विमान के मलबे को सुरक्षित स्थान पर ट्रांसफर कर तकनीकी और फॉरेंसिक जांच की गई
- जांच में विमान से जुड़े सभी दस्तावेज़ जब्त कर उनकी गहन जांच की जा रही है
बारामती विमान हादसे में महाराष्ट्र के दिग्गज नेता अजित पवार की मौत हो गई थीं. उनकी मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. इस बीच जांच में शामिल एजेंसियों ने अब तक हुए कामों और शुरुआती निष्कर्षों पर विस्तृत अपडेट जारी किया है. इस जांच का मकसद दुर्घटना के असली कारण और सहायक वजहों के बारे में जानने का है. नीचे अब तक की जांच, प्रोसेस और साइट/मौसम से जुड़े तथ्य दिए हैं. जो कि शुरुआती जांच में सामने आए हैं.
कहां तक पहुंची जांच: रेकॉर्डर्स, बयान और साक्ष्य विश्लेषण
फ्लाइट डेटा रेकॉर्डर (FDR) से डेटा डाउनलोड कर लिया गया है और उसका विश्लेषण जारी है. कॉकपिट वॉयस रेकॉर्डर (CVR) का डेटा नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की मदद से डाउनलोड किया जाएगा. यह प्रक्रिया इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) Annex‑13 के नियमों के मुताबिक होगी. विमान ऑपरेटर के कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के शुरुआती बयान दर्ज कर लिए गए हैं. इन बयानों को अन्य सबूतों के साथ मिलाकर क्रॉस‑वेरिफिकेशन किया जा रहा है. अब तक इकट्ठा किए गए सभी सबूतों का अगली कार्रवाई के लिए विश्लेषण चल रहा है.
ये भी पढ़ें : दिवंगत अजित पवार और सुनेत्रा पवार को क्लीन चिट, 25 हजार करोड़ के MSC बैंक घोटाले में राहत
मलबा, दस्तावेज और साइट दौरा
अजित पवार के दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा सुरक्षित स्थान पर ट्रांसफर कर दिया गया है, ताकि उसकी विस्तृत तकनीकी जांच की जा सके. दुर्घटना स्थल पर मलबे की फॉरेंसिक/तकनीकी जांच की गई और उसके निष्कर्ष दर्ज कर लिए गए हैं, जिन्हें आगे के विश्लेषण में उपयोग किया जाएगा. विमान से जुड़े एयरवर्थीनेस, ऑपरेशंस, फ्लाइट सेफ्टी सहित सभी प्रासंगिक दस्तावेज़ जब्त कर लिए गए हैं और उनकी स्क्रूटनी की जा रही है.
NTSB ने एक Accredited Representative और तकनीकी विशेषज्ञों को जांच में शामिल होने और सहयोग देने के लिए नामित किया है.
अन्य संबंधित संस्थाओं से प्राप्त रिकॉर्ड/जानकारियांं फिलहाल जांच के दायरे में हैं.
ये भी पढ़ें : कोई बड़ी हस्ती शामिल... अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में भतीजे रोहित क्यों मांग रहे मंत्री नायडू का इस्तीफा?
एयरफील्ड, विजिबिलिटी और सहायक कारक
दुर्घटना के समय विजिबिलिटी 3 किमी आंकी गई, जो VFR (Visual Flight Rules) संचालन के लिए न्यूनतम 5 किमी की आवश्यकता से कम थी. बरामती एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है, जहां संचालन केवल VFR के तहत होता है. रनवे मार्किंग्स फीकी थीं, उचित लैंडिंग एड्स उपलब्ध नहीं थे और आधिकारिक MET सुविधा मौजूद नहीं थी; विजिबिलिटी का आकलन ट्रेनिंग अकादमी के कर्मियों ने विजिबिलिटी निरीक्षण से किया. सैटेलाइट इमेजरी में बरामती के आसपास शैलो फॉग पैच दिखाई देने के संकेत हैं. पुणे METAR ने उसी समयावधि में विजिबिलिटी 2 किमी तक दर्ज की.
Key Findings (ऑपरेटिंग/एयरफील्ड):
- Uncontrolled airfield; VFR‑only संचालन
- कोई नैविगेशनल एड नहीं (सिर्फ windsocks)
- Windsocks केवल RWY 29 साइड पर
- Runway markings faded, loose gravel मौजूद
- In‑house fire‑fighting unit नहीं
- Boundary wall नहीं
- RWY 11 सिरे पर table‑top runway feature
क्रैश के वक्त क्या कुछ हुआ
क्रैश के वक्त विमान की पहली टक्कर पेड़ों से हुई. अंतिम टक्कर RWY‑11 से 50 मीटर बाईं ओर हुई. इसके बाद एयरक्राफ्ट में आग लग गई. विमान के कॉकपिट और केबिन नष्ट हो गए.
आगे की राह: कारणों की स्पष्टता और सुरक्षा सुझाव
जांच एजेंसियां दुर्घटना से जुड़े हर पहलू ऑपरेटिंग कंडीशन्स, एटीसी/एयरफील्ड व्यवस्थाएं, विमान/इंजन/सिस्टम, मानव कारक, प्रशिक्षण एवं SOP अनुपालन की समग्र जांच करेंगी. इसका उद्देश्य है कि मुख्य कारण और सहायक कारण को स्पष्ट रूप से स्थापित कर सुरक्षा सिफारिशें (संगठनात्मक/प्रक्रियात्मक/इन्फ्रास्ट्रक्चर) जारी की जा सकें.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं