- अहमदाबाद के एक अंग्रेजी स्कूल में चौथी क्लास के लड़के पर 'I Love You' नोट देने का आरोप लगा है
- स्कूल ने पहले बच्चे को डांटकर समझाया और नोट फाड़ दिया, फिर बच्चे को क्लास में वापस भेजा गया
- बच्चे के परिवार ने आरोप लगाया कि स्कूल स्टाफ ने बच्चे के साथ मारपीट की और उसे चोटें आई हैं
गुजरात के अहमदाबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक अंग्रेजी स्कूल के चौथी क्लास के लड़के का 'I Love You' वाला हाथ से लिखा नोट देने वाला मामला काफी गरमा गया है. आरोप है कि इस लव नोट की वजह से स्कूल ने बच्चे के साथ मारपीट की. पूरे विवाद की शुरुआत 19 सितंबर को हुई, जब क्लास में पढ़ने वाली एक बच्ची ने टीचर को एक कागज का टुकड़ा थमाया, जिस पर उसके नाम के साथ 'I Love You' लिखा था. लड़की का आरोप था कि छात्र ने ये नोट उसकी तरफ फेंका था.
चौथी क्लास के लड़के पर लव लेटर देने का आरोप
स्कूल का कहना है कि वह बच्ची रो रही थी. उसकी शिकायत थी कि लड़कों का एक ग्रुप उसे स्कूल में लगातार परेशान और तंग करता है.स्कूल के डायरेक्टर का कहना है कि टीचर ने पहले ऐसी हरकत करने वाले लड़के को डांटा, उसे समझाया और मामले को शांत करने के मकसद से वह नोट फाड़ दिया. हालांकि छात्रा के परेशान रहने की वजह से ये मामला प्रिंसिपल ऑफिस तक पहुंच गया.. वहां पर लड़के को स्कूल स्टाफ की मौजूदगी में एक बार फिर से प्यार से से समझाया गया और क्लास में वापस जाने को कहा.
परिवार का आरोप-स्कूल ने बच्चे को पीटा
स्कूल ने जब लड़के की मां को बातचीत के लिए बुलाया तो तनाव और बढ़ गया. स्कूल मैनेजमेंट के दावे के मुताबिक, आरोपी छात्र की मां पहले तो पूरी बात सुनकर शांति से चली गई, लेकिन कुछ देर बाद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वापस लौटीं और ये आरोप लगाया कि उसते बच्चे को बुरी तरह पीटा गया है और उसे चोटें लगी हैं. परिवार ने इसके बाद इमरजेंसी एम्बुलेंस (108) बुलाई और अधिकारियों के पास जाने से पहले बच्चे को मेडिकल जांच के लिए L.G. हॉस्पिटल ले गए.
स्कूल पर FIR, मामले की जांच
इसके बाद बच्चे के परिवार ने रामोल पुलिस स्टेशन में स्कूल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट और स्टाफ पर उनके बच्चे को बुरी तरह पीटे जाने का आरोप लगाया. पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए क्लास टीचर और स्कूल डायरेक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) और 54, और साथ ही जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 और 82 के तहत मामला दर्ज किया.
हालांकि स्कूल डायरेक्टर ने बच्चे को पीटे जाने के आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि CCTV फुटेज में लड़का एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस से ठीक-ठाक हालत में बाहर निकलता और कॉरिडोर में दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. उन्होंने बच्चे को पीटे जाने का दावा गलत बताया. उन्होंने कहा कि फिर भी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्कूल ने पूरी जांच होने तक टीचर को सस्पेंड कर दिया है.
स्कूल का परिवार पर 25 लाख मांगने का आरोप
स्कूल डायरेक्टर का आरोप है कि छात्र के परिवार ने पुलिस कार्रवाई की धमकी देकर स्कूल से पैसे ऐंठने की कोशिश की. उन्होंने शुरू में पुलिस के पास जाए बिना मामला सुलझाने के लिए 25 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे बाद यह राशि घटाकर 5 लाख रुपये कर दी. उन्होंने कहा कि स्कूल ने अपनी साख का ख्याल करते हुए बच्चे की ट्यूशन फीस माफ करने की बात कही, लेकिन उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया.
रामोल पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर आर.एम. चौधरी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है. हालांक शुरुआती मेडिकल जांच में बच्चे के शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं मिली है, लेकिन फिर भी वह CCTV फुटेज जुटा रहे हैं और स्कूल के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए गवाहों और छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं.
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