सूरत की श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 9 सितंबर की रात लगी भीषण आग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. शुरुआती जांच में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि यह आग कथित तौर पर सोची-समझी साजिश का नतीजा थी. पुलिस का दावा है कि मार्केट में पहले काम कर चुके एक अकाउंटेंट ने बदला लेने के लिए आग लगाई, जिससे करीब 24 करोड़ रुपये का कपड़ा जलकर राख हो गया.
150 रुपये का पेट्रोल और करोड़ों का नुकसान
पुलिस के मुताबिक 33 वर्षीय विनोद पंडित सावले ने देवध गांव के एक पेट्रोल पंप से करीब 150 रुपये का पेट्रोल खरीदा था. आरोप है कि इसके बाद उसने रात के समय मार्केट में प्रवेश किया और अपनी योजना को अंजाम दिया. महज कुछ मिनट की इस हरकत ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और आग कई दुकानों तक फैल गई.
CCTV में कैद हुई पूरी साजिश
क्राइम ब्रांच को मिले सीसीटीवी फुटेज ने मामले की परतें खोल दीं. फुटेज में आरोपी मुंह पर सफेद कपड़ा बांधे और कंधे पर बैग लेकर मार्केट की ऊपरी मंजिल पर पहुंचता दिखाई देता है. वह पहले आसपास का जायजा लेता है और फिर बैग से पेट्रोल निकालकर कपड़े के पार्सलों और बॉक्स पर छिड़कता है. पहली बार माचिस जलाकर आग लगाने की कोशिश नाकाम रहती है. इसके बाद आरोपी दोबारा कोशिश करता है और इस बार कपड़ों में आग लग जाती है. आग भड़कते ही वह वहां से निकल जाता है. फुटेज में आरोपी को पीछे मुड़कर आग देखते हुए भी देखा गया है.
10 हजार रुपये के विवाद से उपजा गुस्सा
जांच में पता चला कि विनोद सावले पहले श्याम संगिनी मार्केट की एक दुकान में अकाउंटेंट के तौर पर काम करता था. उसने अप्रैल 2026 में नौकरी शुरू की थी और कुछ महीने बाद काम छोड़ दिया था. पुलिस के अनुसार आरोपी का अपने मालिक से वेतन को लेकर विवाद था. विनोद का मानना था कि उसके करीब 10 हजार रुपये बकाया हैं. इसी बात को लेकर उसके मन में नाराजगी बढ़ती गई. हालांकि जांच में सामने आया कि उसे वेतन का भुगतान किया जा चुका था और रकम को लेकर गलतफहमी थी. पुलिस का कहना है कि इसी गुस्से में उसने आग लगाने का फैसला किया.
रातभर छिपा रहा, फिर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार आरोपी 8 सितंबर की रात मार्केट में पहुंचा और घंटों तक सीढ़ियों के पास छिपकर बैठा रहा. जब बाजार पूरी तरह सुनसान हो गया तब वह निशाने वाली दुकान के बाहर पहुंचा और कपड़े के पार्सलों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. क्योंकि वहां बड़ी मात्रा में कपड़ा और पैकिंग सामग्री रखी थी इसलिए आग तेजी से फैल गई. कुछ ही देर में 14 दुकानें इसकी चपेट में आ गईं. आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को घंटों मशक्कत करनी पड़ी.
1500 से ज्यादा कैमरों से मिला सुराग
आगजनी के बाद क्राइम ब्रांच ने 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. आरोपी की एंट्री से लेकर बाहर निकलने तक की गतिविधियों को ट्रैक किया गया. इसी आधार पर पुलिस उसकी पहचान कर डिंडोली निवासी विनोद सावले तक पहुंची.
एफआईआर की जानकारी मिलने के बाद आरोपी पत्नी और बच्चे के साथ सूरत छोड़कर राजस्थान और फिर अयोध्या चला गया. हालांकि पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही. आखिरकार सूरत लौटते ही उसे डिंडोली के फ्लावर गार्डन इलाके के पास से गिरफ्तार कर लिया गया.
अब जांच के घेरे में पेट्रोल पंप
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी को बोतल में पेट्रोल कैसे दिया गया और नियमों का पालन हुआ या नहीं. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. वहीं यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पूरी साजिश अकेले रची थी या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी.
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