भारतीय महिला (Indian Woman) दाइबाई को 99 साल की उम्र में अमेरिका की नागरिकता (US citizenship) मिली है. इसकी घोषणा करते हुए अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (US Citizenship and Immigration Services) ने दाइबाई को एक जिंदादिल शख्स बताया है. यूएससीआईएस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा,, "वे कहते हैं कि उम्र सिर्फ एक संख्या है. यह बात इस जिंदादिल 99 साल की महिला के लिए सच लगती है, जो हमारे ऑरलैंडो कार्यालय में #NewUSCitizen बन गई. दाइबाई भारत से हैं और निष्ठा की शपथ लेने के लिए उत्साहित थीं. तस्वीर में वह अपनी बेटी और उसे शपथ दिलाने वाले हमारे अधिकारी के साथ नजर आ रही हैं. दाइबाई को बधाई."
यूएससीआईएस ने उस मर्मस्पर्शी क्षण को भी कैद किया, जहां वह 99 वर्षीय महिला व्हीलचेयर पर हैं और नागरिकता प्रमाण पत्र के साथ पोज दे रही हैं. फ्रेम में उनकी बेटी और वह अधिकारी भी हैं, जिन्होंने उन्हें शपथ दिलाई थी.
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यूएससीआईएस को आप्रवासी याचिकाओं, शरण लेने के आवेदनों और ग्रीन कार्ड आवेदनों का काम भी संभालना होता है. एजेंसी एच-1बी वीजा जैसे गैर-आप्रवासी अस्थायी श्रमिकों के लिए याचिकाओं को भी संभालती है, जिसका उपयोग सैकड़ों भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा अमेरिका में काम करने के लिए किया जाता है.
दाइबाई को नागरिकता मिलने का जश्न
जहां कई लोग दाइबाई को नागरिकता मिलने का जश्न मना रहे हैं, वहीं कुछ भारतीय एक्स यूजर्स सवाल कर रहे हैं कि अमेरिका को नागरिकता देने की इस प्रक्रिया में इतना समय क्यों लगा. भारतीय महिला वर्षों से अपनी बेटी के साथ फ्लोरिडा में रह रही है.
एक यूजर ने पोस्ट में तंज कसते हुए कहा, "अफवाह है कि दाइबाई भारतीय ग्रीन कार्ड बैकलॉग में थी, हर तीन साल में अपना एच-1बी रिन्यू कराती थी और अब आखिरकार रिटायर हो सकती है."
एक अन्य ने लिखा, "रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड बैकलॉग में अधिकांश भारतीय अपने ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के समय तक ऐसे ही दिखेंगे."
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