Maharashtra Crisis: “गद्दार कभी जीतते नहीं है,” सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद बागियों पर आदित्य ठाकरे का तंज

आज वर्ली में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने शिवसेना के बागी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि आमने-सामने आकर यह बताने की हिम्मत करें कि सरकार के साथ क्या गलत है. उन्होंने कहा,” वो बागी विधायक मुम्बई आएं और मेरी आँखों मे आंखें डालकर कहें कि हमने क्या गलत किया है.”

मुंबई:

आज मुंबई के वर्ली में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने शिवसेना के बागी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि आमने-सामने आकर यह बताने की हिम्मत करें कि सरकार के साथ क्या गलत है. उन्होंने कहा,” वो बागी विधायक मुम्बई आएं और मेरी आँखों मे आंखें डालकर कहें कि हमने क्या गलत किया है.” आदित्य ठाकरे ने शिंदे खेमे को "विश्वासघाती” कहा. उन्होंने कहा कि  "जो विश्वासघात करते हैं ... वे कभी नहीं जीतते. हमें विश्वास है और हमें बहुत प्यार मिल रहा है."

उनकी यह टिप्पणी तब आई जब महाराष्ट्र का सियासी संकट सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जो अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को करेगा. वर्ली में आदित्य ठाकरे ने कहा,”प्राण जाए,पर वचन न जाये... जो लोग दगाबाजी करते हैं, जो भागकर जाते हैं, वह कभी जीतते नही है.”

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बारे में आदित्य ठाकरे ने कहा कि अभी कोर्ट का निर्णय पढ़ना होगा. उन्होंने कहा,” हमे जीत का भरोसा है और विधायकों को तो सामने आना ही पड़ेगा. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि ये राजनीति नहीं सर्कस बन गया है.

गौरतलब है कि, पिछले रविवार को आदित्य ठाकरे ने कहा था कि असली टाइगर भागते नहीं हैं. असम में डेरा डाले हुए विधायकों को उन्होंने कैदी कहा था. आदित्य ने कहा ता कि एकनाथ शिंदे में ठाणे में रहते हुए बगावत की हिम्मत नहीं थी, इसलिए वो पहले सूरत और फिर गुवाहाटी गए.

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महाराष्ट्र सियासी जंग के मैदान में मुख्य-मंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे अहम भूमिका निभा रहे हैं. बागियों से निपटने के लिए आदित्य ठाकरे भी रणनीति बना रहे हैं.